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बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति का 67 करोड़ 22 लाख का बजट पारित, चारधाम यात्रा 3 मई से

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Mar 29, 2022 07:59 pm IST,  Updated : Mar 29, 2022 07:59 pm IST

वित्तवर्ष 2022-23 का 67 करोड़ 22 लाख 62 हजार 137 रुपये का बजट पारित किया गया। बदरीनाथ अधिष्ठान के लिए 34 करोड़ 44 लाख एक हजार, 323 जबकि केदारनाथ प्रतिष्ठान के लिए 32 करोड़ 78 लाख 60 हजार 814 रुपये आय प्रस्तावित की गई।

Kedarnath temple- India TV Hindi
Kedarnath temple Image Source : PTI

देहरादून: श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति का वित्तवर्ष 2022-23 का 67 करोड़ 22 लाख 62 हजार 137 रुपये का बजट मंगलवार को पारित किया गया। इसमें बदरीनाथ और केदारनाथ यात्रा की तैयारियों को बेहतर बनाने, तीर्थयात्रियों की अधिक सुविधा उपलब्ध कराने, कपाट खुलने से पहले अप्रैल के शुरू में बदरीनाथ-केदारनाथ धाम में अग्रिम दल भेजने पर जोर दिया गया। बैठक कैनाल रोड स्थित कार्यालय सभागार में समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजेय की अध्यक्षता में बैठक हुई। इस दौरान वित्तवर्ष 2022-23 का 67 करोड़ 22 लाख 62 हजार 137 रुपये का बजट पारित किया गया। बदरीनाथ अधिष्ठान के लिए 34 करोड़ 44 लाख एक हजार, 323 जबकि केदारनाथ प्रतिष्ठान के लिए 32 करोड़ 78 लाख 60 हजार 814 रुपये आय प्रस्तावित की गई।

मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजेय ने कहा कि दो वर्ष बाद कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम होने के कारण इस वर्ष चारधाम यात्रा में यात्रियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के अलावा अधीनस्थ मंदिरों की व्यवस्था, विद्यापीठ फार्मेसी, पेयजल, आवास सुविधा, विश्राम गृहों का रख-रखाव, पूजा व्यवस्था आदि व्यवस्था के साथ यात्रा सुविधाओं का प्रविधान किया है। मंदिर समिति के उपाध्यक्ष किशोर पंवार ने बताया कि इस वर्ष केदारनाथ धाम के छह मई, जबकि बदरीनाथ धाम के कपाट 8 मई को खुलेंगे।

समिति की ओर से पारित बजट में तीर्थ यात्रियों को अधिक सुविधा देने पर जोर दिया गया। बैठक में बदरीनाथ-केदारनाथ यात्रा की तैयारी, यात्रियों के लिए धामों की दर्शन व्यवस्था, यात्रा मार्ग पर आस्था पट लगाने, मंदिर समिति की वेबसाइट अपडेट करने, मंदिर समिति का लोगो निर्धारित करने, केदारनाथ धाम में कर्मचारी आवास निर्माण, प्राथमिक उपचार सुविधा, संस्कृत महाविद्यालयों की मजबूत स्थिति, कर्मचारियों का स्वास्थ्य, बीमा कराने, तुंगनाथ के शीतकालीन गद्दीस्थल मक्कूमठ में यज्ञ करने के अलावा कर्मचारियों के पदोन्नति, अस्थायी कर्मचारियों के स्थायीकरण पर भी चर्चा हुई।

चारधाम यात्रा के दौरान हृदय रोग विशेषज्ञों की कमी को देखते हुए फिजिशियन को भी हृदय रोग के उपचार से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा। उद्देश्य यह है कि यात्रा के दौरान किसी श्रद्धालु को जरूरत पड़ने पर फिजिशियन उन्हें प्राथमिक उपचार दे सकें। इसके साथ ही चारधाम यात्रा मार्ग पर इस बार नए पार्किं ग स्थल भी विकसित किए जाएंगे।

प्रदेश में तीन मई से चारधाम यात्रा शुरू होने जा रही है। वर्ष 2020 और 2021 में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए लागू किए गए प्रतिबंधों के कारण बेहद सीमित संख्या में श्रद्धालु चारधाम यात्रा के लिए आए। इस वर्ष सरकार ने सभी प्रतिबंध हटा लिए हैं। ऐसे में इस बार बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके लिए तैयारियां भी जोरों पर हैं।

मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने चारधाम यात्रा की तैयारियों के संबंध में बैठक की। उन्होंने कहा कि यात्रा को सुगम व सुरक्षित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। चारधाम यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाए। हर जगह विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। मार्गो पर दुर्घटना रोकने के लिए क्रैश बैरियर और साइनेज की व्यवस्था की जाए। पर्वतीय मार्गो पर यातायात प्रबंधन और पार्किंग पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा नए पार्किंग स्थल विकसित किए जाएं।

उन्होंने चारधाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन काउंटर बढ़ाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वेबसाइट और मोबाइल एप भी विकसित किए जाएं, ताकि यात्रियों के रजिस्ट्रेशन में अधिक समय न लगे। उन्होंने सड़क चौड़ीकरण के कारण खराब हुए हैंडपंप को फिर से दुरुस्त कर इस्तेमाल योग्य बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा मोबाइल एप पर यात्रा के साथ ही मौसम की जानकारी भी दी जाए और इसका उचित प्रचार-प्रसार किया जाए।

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