उत्तराखंड में गंगोत्री धाम में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। यह फैसला रविवार को हुई श्री गंगोत्री मंदिर समिति की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया है। आइए जानते हैं पूरा मामला।
अगर आप भी चारधाम की यात्रा की पर निकलने की सोच रहे हैं तो आपको लिए बड़ी खबर सामने आई है। बदरीनाथ, केदारनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट जल्द ही बंद होने जा रहे हैं।
उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश और लैंडस्लाइड के चलते चारधाम यात्रा को रोक दिया गया है। लाखों लोग अब इस इंतजार में हैं कि कब मौसम सुधरे और वे दोबारा अपने आराध्य के दर्शन कर सकें।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में उत्तराखंड के कई इलाकों भारी बारिश की चेतावनी देते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। इसके बाद पांच सितंबर तक के लिए चार धाम यात्रा रोक दी गई है।
उत्तराखंड में जारी भीषण बारिश के बीच उत्तराखंड सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चार धाम यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। खराब मौसम के कारण यह फैसला लिया गया है।
उत्तराखंड में चार धाम यात्रा से जुड़ी हेलिकॉप्टर सेवा को सस्पेंड कर दिया गया था। लेकिन इसे फिर से शुरू कर दिया गया।
Char Dham Yatra Checklist: चारधाम यात्रा पर जाने का प्लान है तो अपने साथ ये जरूरी सामान ले जाना न भूलें। पहाड़ों पर मुश्किल में फंसने पर सबसे ज्यादा काम आएंगी ये चीजें। जानिए केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री का यात्रा पर क्या लेकर जाना चाहिए?
चारधाम यात्रा की शुरुआत होने के साथ केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। चार दिनों में ही दर्शनार्थियों का आंकड़ा एक लाख के पार पहुंच गया है।
चारधाम यात्रा पर जाने से पहले एक बार मौसम का अपडेट जरूर जान लें। कई बार धार्मिक यात्रा के दौरान खराब मौसम में यात्रियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
आज बद्रीनाथ धाम के कपाट खोले गए। बद्रीनाथ धाम के बारे में कई ऐसी बातें हैं, जिसे जानकर हैरानी होती है।
बद्रीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। इस मौके पर मंदिर पर फूलों की वर्षा की गई। बद्रीनाथ मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है।
बाबा केदारनाथ की पंचमुखी मूर्ति उखीमठ से 28 अप्रैल को केदारनाथ के लिए रवाना हो चुकी थी। केदारनाध धाम में मूर्ति के पहुंचने के बाद केदारनाथ धाम के कपाट खुल जाएंगे।
चारधाम यात्रा बुधवार से शुरू हो रही है। कश्मीर के पहलगाम में हुई आतंकी घटना को देखते हुए इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। चारधाम यात्रा में पहली बार अर्द्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं।
शास्त्रों के अनुसार एक ऐसा समय भी आएगा जब बद्रीनाथ और केदारनाथ की यात्रा संभव नहीं होगी। तब किस जगह भगवान विष्णु और महेश की पूजा होगी, आइए जानते हैं।
Chardham Yatra 2025: चारधाम यात्रा की शुरुआत 30 अप्रैल 2025 से हो रही है। इस यात्रा के दौरान हिंदुओं के 4 प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भक्त जाते हैं। इस यात्रा के दौरान क्या गलतियां करने से आपको बचना चाहिए, आइए जानते हैं।
चारधाम यात्रा की शुरुआत 30 अप्रैल से होने वाली है। वहीं, आज ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन भी शुरू कर दिए गए हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि चारधाम कैसे जाएं कहां ठहरें और कुल कितना लगेगा खर्च?
चारधाम यात्रा की शुरुआत होने जा रही है, ऐसे में श्रद्धालुओं के रजिस्ट्रेशन भी शुरू कर दिए गए हैं। आज हरिद्वार में ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की शुरुआत कर दी गई है।
Chardham Yatra: चारधाम यात्रा का शुभारंभ हमेशा यमुनोत्री से ही किया जाता है। इसके पीछे धार्मिक कारण क्या है, आइए जानते हैं।
Char Dham Yatra Booking में Cyber Fraud को लेकर Home Ministery की भारतीय साइबर अपराध समन्वय केन्द्र यानि I4C ने चेतावनी दी है। I4C ने ऐसे स्कैम और फ्रॉड से सचेत रहने के लिए कहा जिसमें धार्मिक तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को निशाना बनाया जा रहा है। देखिए क्या है इस एडवायजरी में।
चार धाम की यात्रा में फर्जी बुकिंग को लेकर उत्तराखंड STF ने अलग से एक टीम बनाई है। ये टीम साइबर ठगों पर लगाम लगाएगी। इस पूरे गैंग का भंडाफोड़ किया जाएगा। इसका पूरा मास्टप्लान तैयार किया गया है।
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