जंगल में जानवरों के बीच इंसानों की तरह कोई लिखित संविधान नहीं होता है। जावनरों का पूरा जीवन Survival of the Fittest वाले नियम पर चलता है। जंगल में वही जानवर सबसे लंबे समय तक जिंदा रहेगा या फिर उसी जानवर का नेतृत्व चलेगा जो सबसे ज्यादा ताकतवर होगा और यहीं से शुरू होती है वर्चस्व की लड़ाई। आपने अब तक जानवरों के बीच वर्चस्वों की लड़ाई कोई किस्सा शायद नहीं सुना होगा मगर आज यह भी सुनने को मिल जाएगा। आइए फिर आपको नागपुर के गोरेवाड़ा जू सफारी में हुई वर्चस्व की लड़ाई के बारे में बताते हैं।
दो तेंदुओं के बीच हुआ खूनी संघर्ष
आपको बता दें कि नागपुर के गोरेवाडा जू सफारी में वर्चस्व को लेकर दो तेंदुओं के बीच में भीषण लड़ाई हुई और यह लड़ाई इतनी भीषण थी कि इस लड़ाई में एक तेंदुए की तुरंत मौत हो गई और दूसरा तेंदुआ गंभीर रूप से जख्मी हो गया है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक कल दोपहर बालासाहेब ठाकरे गोरेवाड़ा अंतर्राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में जू सफारी नियमित रूप से संचालित हो रही थी। इसी बीच लेपर्ड सफारी में अचानक दो तेंदुओं के बीच लड़ाई हो गई। रेगुलर निरीक्षण के दौरान सफारी क्षेत्र में तैनात कर्मचारियों ने नर तेंदुओं को आक्रामक रूप से आपस में भिड़ते हुए देखा। दोनों एक दूसरे पर पंजों और दांतों से घातक वार करने लगे। काफी देर तक चली लड़ाई में एक तेंदुए ने दम तोड़ दिया तो वहीं दूसरा तेंदुआ बुरी तरीके से जख्मी हो गया।
यहां देखें लड़ाई का वीडियो
प्राणी विशेषज्ञों का क्या कहना है?
दो तेंदुओं के बीच में हुए इस खूनी संघर्ष के संबंध में प्राणी विशेषज्ञों का यह कहना है कि सफारी में मौजूद तेंदुए में इस तरीके की लड़ाई नहीं होती है। उनका कहना है कि इस लड़ाई में बाहरी तेंदुए के घुसपैठ हुई होगी, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती है। कुल मिलाकर यह प्राणी विशेषज्ञों की कल्पना है।
जख्मी तेंदुए के लिए बचाव अभियान जारी
आपको बता दें कि गोरेवाडा जू के अधिकारी और कर्मचारी उस दूसरे तेंदुए को खोजने और बचाने के लिए जो बुरी तरह से जख्मी हो गया है, एक विशेष अभियान चला रहे हैं। ड्रोन की मदद से पूरे सफारी क्षेत्र में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है ताकि उस जख्मी तेंदुओं को सुरक्षित खोज कर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
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