बेंगलुरु: एक आईटी कंपनी के पूर्व वरिष्ठ कर्मचारी के खिलाफ कंपनी के मालिकाना सॉफ्टवेयर सोर्स कोड की चोरी के आरोप में FIR दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, चोरी किए गए सॉफ्टवेयर और सोर्स कोड की अनुमानित कीमत लगभग 87 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
आरोपी की पहचान आशुतोष निगम के रूप में हुई है, जो फरवरी 2020 से अमेडियस सॉफ्टवेयर लैब्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में सीनियर मैनेजर रिसर्च साइंटिस्ट के पद पर कार्यरत था।
निजी ईमेल अकाउंट से बाहर भेजा
एफआईआर के मुताबिक, आरोपी ने 11 अक्टूबर 2025 को कंपनी की अनुमति या किसी आधिकारिक स्वीकृति के बिना कंपनी के गोपनीय सॉफ्टवेयर सोर्स कोड और अन्य संवेदनशील डेटा को अनधिकृत रूप से एक्सेस किया और उसे अपने निजी ईमेल अकाउंट के जरिए बाहर भेज दिया।
कंपनी की आंतरिक जांच, रिकॉर्ड और रिपोर्ट के आधार पर जब आशुतोष निगम से इस बारे में पूछताछ की गई, तो उसने सॉफ्टवेयर सोर्स कोड की एक्सफिल्ट्रेशन (डेटा चोरी) की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने बताया कि आरोपी की स्वीकारोक्ति को कंपनी द्वारा वीडियो रिकॉर्ड भी किया गया है। इस घटना के बाद कंपनी ने 3 दिसंबर 2025 को आरोपी की सेवाएं समाप्त कर दीं।
सोर्स कोड की कीमत 80 लाख यूरो
एफआईआर में कहा गया है कि चोरी किया गया सॉफ्टवेयर और सोर्स कोड लगभग 80 लाख यूरो (करीब 87 करोड़ रुपये) मूल्य का है। इस घटना से कंपनी को भारी व्यावसायिक नुकसान हुआ है और उसकी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी से भी समझौता हुआ है।
कंपनी के एक प्रतिनिधि की शिकायत के आधार पर 23 जनवरी को व्हाइटफील्ड सीईएन क्राइम पुलिस थाने में आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है।
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