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बायोलॉजिकल-ई ने 12 से 18 साल के बच्चों में कोर्बेवैक्स के आपात इस्तेमाल की मंजूरी मांगी

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Feb 13, 2022 07:47 pm IST,  Updated : Feb 13, 2022 07:47 pm IST

डीजीसीआई को नौ फरवरी को भेजे आवेदन में बायोलॉजिकल-ई के गुणवत्ता एवं नियामक मामलों के प्रमुख श्रीनिवास कोसाराजू ने कहा कि कंपनी को सितंबर 2021 में 15 से 18 साल के बच्चों और किशोरों पर कोर्बेवैक्स का दूसरे/तीसरे चरण का क्लीनिकल परीक्षण करने की मंजूरी मिली थी।

COVID-19 vaccine- India TV Hindi
COVID-19 vaccine Image Source : TWITTER

Highlights

  • डीजीसीआई ने 28 दिसंबर को वयस्कों में आपात स्थिति में कोर्बेवैक्स के सीमित इस्तेमाल की मंजूरी दे दी थी
  • 'बायोलॉजिकल-ई ने भारत में पहले/दूसरे और दूसरे/तीसरे दौर का क्लीनिकल परीक्षण किया है'

नई दिल्ली: बायोलॉजिकल-ई ने भारत के औषधि नियामक से 12 से 18 साल के आयुवर्ग में अपने कोविड-19 टीके ‘कोर्बेवैक्स’ के आपात इस्तेमाल की मंजूरी देने की मांग की है। आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी। भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीजीसीआई) ने 28 दिसंबर को वयस्कों में आपात स्थिति में कोर्बेवैक्स के सीमित इस्तेमाल की मंजूरी दे दी थी, जो कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ स्वदेशी रूप से विकसित देश का पहला आरबीडी प्रोटीन सब-यूनिट टीका है।

डीजीसीआई को नौ फरवरी को भेजे आवेदन में बायोलॉजिकल-ई के गुणवत्ता एवं नियामक मामलों के प्रमुख श्रीनिवास कोसाराजू ने कहा कि कंपनी को सितंबर 2021 में 15 से 18 साल के बच्चों और किशोरों पर कोर्बेवैक्स का दूसरे/तीसरे चरण का क्लीनिकल परीक्षण करने की मंजूरी मिली थी।

उन्होंने कहा, ‘अनापत्ति प्रमाणपत्र के आधार पर बायोलॉजिकल-ई ने अक्टूबर 2021 में क्लीनिकल परीक्षण शुरू किया और दूसरे/तीसरे चरण के उपलब्ध सुरक्षा और प्रतिरोधक क्षमता संबंधी परिणामों को आंका, जिससे संकेत मिलता है कि टीका सुरक्षित और प्रभावी है।’

कोसाराजू ने कहा, ‘प्रस्तावित आवेदन भारत में मौजूदा महामारी और कोविड-19 टीके की व्यापक जरूरत को देखते हुए 12 से 18 वर्ष साल के किशोरों में आपात स्थिति में कोर्बेवैक्स के सीमित इस्तेमाल की अनुमति प्राप्त करने के लिए दूसरे/तीसरे चरण के क्लीनिकल परीक्षण के अंतरिम परिणामों पर आधारित है।’

कोर्बेवैक्स टीका इंट्रामस्क्युलर यानी मांसपेशियों के रास्ते लगाया जाता है। इसकी दो खुराक 28 दिनों के अंतराल पर दी जाती है। कोर्बेवैक्स 0.5 मिलीलीटर (एकल खुराक) और 5 मिलीलीटर (दस खुराक) की शीशी में उपलब्ध है। इसे 2 से 8 डिग्री सेल्सियस पर संरक्षित किया जाता है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बायोलॉजिकल-ई ने भारत में पहले/दूसरे और दूसरे/तीसरे दौर का क्लीनिकल परीक्षण किया है। मंत्रालय ने कहा कि इसके अलावा कंपनी ने कोविशील्ड के मुकाबले इसकी श्रेष्ठता का मूल्यांकन करने के लिए तीसरे चरण का सक्रिय तुलनीय क्लीनिकल परीक्षण भी किया है।

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