ओडिशा के बौध जिले में रविवार को अचानक आई बाढ़ के कारण दो महिलाएं सलुंकी नदी के बीच फंस गईं। करीब चार घंटे तक दोनों महिलाएं तेज बहाव के बीच एक छोटे से हिस्से पर फंसी रहीं। राहत की बात यह रही कि लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
जलाई लकड़ी इकट्ठा कर रहीं थी महिलाएं
यह घटना बौध जिले के बाघियापाड़ा पंचायत के लक्ष्मीपदार गांव के पास हुई। जानकारी के अनुसार, दोनों महिलाएं नदी के किनारे और नदी के बीच वाले हिस्से में जलाऊ लकड़ी इकट्ठा करने गई थीं। इसी दौरान अचानक सलुंकी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा। देखते ही देखते तेज बहाव ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया और दोनों महिलाएं बीच नदी में फंस गईं।
फायर एंड इमरजेंसी सर्विस बुलाई गई
घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लोग मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर महिलाओं को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन नदी का तेज बहाव और बढ़ता पानी उनके प्रयासों में बड़ी बाधा बन गया। स्थिति लगातार गंभीर होती देख ग्रामीणों ने तुरंत फायर एंड इमरजेंसी सर्विस को सूचना दी।
कई घंटों तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलते ही बौध फायर स्टेशन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया। नदी में तेज बहाव और मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद बचाव दल ने पूरी सावधानी के साथ महिलाओं तक पहुंचने की कोशिश की। रेस्क्यू टीम को लगातार कई घंटे तक कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।
महिलाओं को नहीं हुआ किसी तरह का नुकसान
करीब चार घंटे की लगातार मेहनत के बाद फायर सर्विस की टीम दोनों महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकालने में सफल रही। बचाव अभियान के दौरान पूरी सतर्कता बरती गई ताकि महिलाओं को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे।
टल गया बड़ा हादसा
अच्छी बात यह रही कि दोनों महिलाओं को सुरक्षित बचा लिया गया और उन्हें कोई चोट नहीं आई। समय रहते शुरू किए गए रेस्क्यू ऑपरेशन और फायर एंड इमरजेंसी सर्विस की तत्परता की वजह से एक बड़ा हादसा टल गया।
ओडिशा से शुभम कुमार की रिपोर्ट
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