चंद्रयान-3 की चंद्रमा की सतह पर सफल लैंडिंग के बाद अब लैंडर प्रोपल्शन मॉड्यूल के जरिए इसरो के डाटा सेंटर से जुड़ गया है। दक्षिणी ध्रुव पर सफल ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ के बाद भारत वहां पहुंच गया है जहां पहले कोई देश नहीं पहुंचा है। भारत चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला दुनिया का पहला तथा चंद्र सतह पर सफल ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया है। भारत को अंतरिक्ष क्षेत्र में यह ऐतिहासिक उपलब्धि ऐसे समय मिली है जब कुछ दिन पहले रूस का अंतरिक्ष यान ‘लूना 25’ चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने के मार्ग में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। लैंडिंग के बाद लैंडर ने चंद्रमा की पहली तस्वीर भी भेज दी है।वहीं प्रज्ञान रोवर लैंडर विक्रम से बाहर आ कर चंद्रमा की जमीन पर पहुंच गया है। अब 14 दिनों तक लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान चांद की सतह पर अलग-अलग लेवल पर रिसर्च करेंगे।
भारत के चंद्रयान-3 मिशन की सफलता दुनिया भर में सुर्खियां बन रही हैं, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने जोहान्सबर्ग में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक तस्वीर साझा की।
सूर्य के लिए आदित्य मिशन सितंबर में लॉन्च के लिए तैयार हो रहा है। गगनयान पर अभी भी काम चल रहा है। हम क्रू मॉड्यूल और क्रू एस्केप क्षमता को प्रदर्शित करने के लिए संभवतः सितंबर या अक्टूबर के अंत तक एक मिशन करेंगे, जिसके बाद कई परीक्षण मिशन होंगे जब तक कि हम संभवतः 2025 तक पहला मानव मिशन नहीं कर लेते
इसरो प्रमुख सोमनाथ ने चंद्रयान की सफलता पर कहा- मन पर क्या बीती, इसका वर्णन करना बहुत कठिन है। यह खुशी हो सकती है, यह उपलब्धि का सार हो सकता है और योगदान देने वाले सभी लोगों को धन्यवाद देना हो सकता है।
मुझे उस महान क्षण को देखकर बहुत गर्व हो रहा है जिसने भारतीय विज्ञान में इतिहास रचा है। भारत ने दिखा दिया है कि वह विश्व की ज्ञान राजधानी है। इस सफलता की कहानी के लिए पूरी टीम ने काम किया है। हमें इस महान क्षण पर बहुत गर्व है। हम सभी ने खुशी साझा की। अगली पीढ़ी इसे ज़रूर और आगे बढ़ाएगी।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग पर इसरो वैज्ञानिकों की टीम को बधाई दी।
कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने चंद्रयान-3 की सफलता पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान आयोग के प्रमुख एस सोमनाथ को एक चिट्ठी लिखी है। उन्होंने इस सफलता के लिए इसरो के वैज्ञानिकों को बधाई दी है।
लैंडर से रोवर के बाहर निकलने की पहली तस्वीर INSPACe के अध्यक्ष पवन के. गोयनका ने सोशल मीडिया पर शेयर की है।
रोवर प्रज्ञान ने रात लगभग साढ़े बारह बजे के बाद से चांद की सतह की स्टडी की शुरुआत कर दी है। प्रज्ञान रोवर पर लगे पे लोड यानी साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट्स लगातार काम करते हुए चांद की सतह की स्टडी कर रहे हैं। लैंडर के दरवाजे खुलने के बाद अब तक लैंडर के अंदर सो रहे प्रज्ञान रोवर को जगाया गया यानी उसे रैंप के सहारे बाहर निकाला गया, इस दौरान उसे लैंडर से एक एंब्लिकल कोर्ड के जरिए बांधा गया था ताकि वो झटके से नहीं बल्कि धीरे धीरे रैम्प से नीचे उतर सके। (रिपोर्ट-टी राघवन)
कर्नाटक के सीएम सिद्धरामैया आज सुबह साढ़े 10 बजे इसरो के टेलीमेट्री ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क यानी ISTRAC जाएंगे, इसरो के वैज्ञानिकों से मिलकर उनके चंद्रयान 3 की चांद की सतह पर सुरक्षित लैंडिंग के लिए बधाई देंगे
रोवर प्रज्ञान लैंडर से निकलकर चांद की सतह पर उतर गया है। वह चांद की सतह पर चहलकदमी कर रहा है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक लैंडिंग के लिए भारत को बधाई दी। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा: "इस अभियान में शामिल सभी वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के लिए यह एक अविश्वसनीय उपलब्धि है। हमें इस मिशन और अंतरिक्ष अन्वेषण में आपके साथ अधिक व्यापक साझेदारी पर गर्व है।"
दक्षिण अफ़्रीका: कल जोहान्सबर्ग में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान रात्रिभोज में विश्व के कई नेताओं ने चंद्रयान-3 की सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी।
अमेरिका: भारतीय समुदाय के लोगों ने न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर पर चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग का जश्न मनाया।
उत्तराखंड: चंद्रयान-3 की चंद्रमा की सतह पर सफल लैंडिंग के बाद श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने केदारनाथ धाम में तिरंगा यात्रा निकाली और 'भारत माता की जय' के नारे लगाए।
प्रज्ञान रोवर लैंडर विक्रम से बाहर आ कर चंद्रमा की जमीन पर पहुंच गया है। अब 14 दिनों तक लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान चांद की सतह पर अलग-अलग लेवल पर रिसर्च करेंगे।
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