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Chhattisgarh: बोरवेल में गिरा 11 साल का मासूम, बचाने के लिए पिछले 24 घंटे से रेस्क्यू जारी

 Published : Jun 11, 2022 05:28 pm IST,  Updated : Jun 11, 2022 05:28 pm IST

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में सूखे बोरवेल में गिरे 11 साल के बच्चे को बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान पिछले लगभग 24 घंटे से चल रहा है।

11-year-old boy fell in borewell in a village of Chhattisgarh - India TV Hindi
11-year-old boy fell in borewell in a village of Chhattisgarh  Image Source : ANI

Highlights

  • एक सूखे बोरवेल में गिरा 11 साल का बच्चा
  • एक सूखे बोरवेल में गिरा 11 साल का बच्चा
  • एक सूखे बोरवेल में गिरा 11 साल का बच्चा

Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में सूखे बोरवेल में गिरे 11 साल के बच्चे को बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान पिछले लगभग 24 घंटे से चल रहा है। जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि बच्चे को बाहर निकालने के लिए बोरवेल से कुछ दूरी पर एक समांतर गड्ढा खोदा जा रहा है। बचाव कार्य में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और भारतीय सेना के विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। 

60 से 70 फुट नीचे फंसा मासूम

अधिकारियों ने बताया कि जिले के मालखरौदा विकासखंड के पिहरिद गांव की ये घटना है। शुक्रवार दोपहर बाद राहुल साहू घर के पिछले हिस्से में खेलते समय एक खुले, सूखे पड़े बोरवेल में गिर गया था। राहुल बोरवेल में 60 से 70 फुट नीचे फंसा हुआ है। जांजगीर चांपा के जिलाधीश जितेंद्र शुक्ला ने बताया, ‘‘जिला और पुलिस प्रशासन को शुक्रवार दोपहर बाद राहुल के बोरवेल में ​गिरने की जानकारी मिली और तत्काल बचाव कार्य शुरू किया गया।’’ शुक्ला ने बताया कि राहुल को बाहर निकालने में मदद के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को बुलाया गया है। 

बोरवेल में पहुंचाया गया कैमरा 

वहीं, चिकित्सकों के दल ने राहुल के लिए बोरवेल के भीतर ऑक्सीजन पहुंचाने की व्यवस्था की। जिलाधीश ने बताया कि बोरवेल से कुछ दूरी पर जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से समांतर गड्ढा किया जा रहा है। इस गड्ढे से एक सुरंग बनाकर राहुल को बाहर निकालने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने बताया, ‘‘अभी तक लगभग 50 फुट का गड्ढा किया जा चुका है और इस काम में अभी पांच से छह घंटों का समय और लग सकता है।’’ 

शुक्ला ने बताया कि राहुल की स्थिति का पता लगाने के लिए बोरवेल में रस्सी के सहारे एक कैमरा लगाया गया है। बीती रात लगभग 12 बजे तक राहुल ने हलचल की थी, इसके बाद उसने सुबह हलचल की है। वहां मौजूद चिकित्सकों के अनुसार राहुल की हालत ठीक है हालांकि, समय बीतने के साथ ही उसमें कुछ कमजोरी के लक्षण भी दिख रहे हैं। बोरवेल में रस्सी के सहारे राहुल के लिए केला और जूस पहुंचाया गया है और परिजन भी आवाज लगा रहे हैं, जिससे उसका मनोबल बना रहे। 

बोरवेल में कैसे गिरा राहुल? 

जिले के अन्य अधिकारियों ने बताया कि राहुल को बाहर निकालने के लिए चल रहे बचाव अभियान में सेना के विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि लड़के के पिता लाला राम साहू के मुताबिक उसने कुछ समय पहले घर के पिछले हिस्से में सब्जी की बाड़ी के लिए लगभग 80 फुट गहरे बोरवेल की खुदाई करवाई थी। जब बोरवेल में पानी नहीं निकला तब उसे बिना इस्तेमाल किए छोड़ दिया गया। शुक्रवार को बाड़ी में खेलने के दौरान राहुल इस सूखे, खुले पड़े बोरवेल में गिर गया। राज्य के जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस तरह की दुर्घटना को रोकने के लिए सभी जिलाधीशों और पुलिस अधीक्षकों से खुले बोरवेल को बंद करवाने का निर्देश दिया है। 

सीएम बघेल ने कहा- रोबोट की लेंगे मदद

मुख्यमंत्री बघेल ने ट्वीट किया, ‘‘हम राहुल को बचाने के लिए रोबोट की भी मदद लेने का प्रयास कर रहे हैं। सूरत के रोबोट विशेषज्ञ से संपर्क करने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। सूरत के महेश अहीर ने अपने इनोवेशन बोरवेल रेस्क्यू रोबेट की विशेषता को लेकर ट्वीट कर इस बचाव अभियान में मदद की पेशकश की थी।’’ उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘अभी मैंने राहुल के माता-पिता से वीडियो कॉल के माध्यम से बात की है। मैं उनकी मनोदशा को समझ सकता हूं। बच्चे का बोरवेल में गिरना दुखद है। हम सब उसे बचाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। हमें विश्वास है कि ईश्वर हमारा साथ देंगे।’’ 

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