मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में सोमलवाड़ाखुर्द में ‘खौलता’ बोरवेल बीमारी का स्रोत बन गया है। यहां एक 25 साल पुराने नलकूप से गर्म और जहरीला पानी निकल रहा है। लैब रिपोर्ट ने मामले में खतरनाक सच्चाई सामने लाई है।
कच्छ के भुज तालुका के कुक्मा गांव में एक मजदूर के 140 फुट गहरे बोरवेल में गिरने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उसने फार्महाउस में 1.5 फुट चौड़े और 140 फुट गहरे बोरवेल में छलांग लगाई थी।
पैर धोते समय दो नाबालिग लड़कियां एक खुले बोरवेल में गिर गईं। इस हादसे में दोनों की मौत हो गई। रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उनके शव को बरामद कर लिया गया है।
पांच साल का प्रह्लाद रविवार दोपहर बोरवेल में गिरा था। सोमवार तड़के उसे बाहर निकाल लिया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने बालक का शव डग अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है।
मध्य प्रदेश के धार जिले में भूजल प्रदूषण का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक किसान के खेत में स्थित बोरवेल से काले पान निकलने से एक बार फिर दहशत का माहौल बन गया है।
गुजरात के कच्छ जिले में 540 फुट गहरे बोरवेल में गिरी 18 वर्षीय लड़की को 34 घंटे से अधिक समय बाद मंगलवार को निकाल लिया गया। इसके बाद लड़की को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
गुजरात के कच्छ जिले में 22 साल की युवती 500 फीट गहरे बोरवेल में गिर गई है और उसे निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। पुलिस को भरोसा ही नहीं कि युवती गिर गई होगी, जानिए क्या कहा?
कच्छ के भुज में 500 फिट गहरे बोरवेल में 18 वर्षीय युवती गिर गई है। युवती को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन किया जा रहा है।
गांव के लोगों ने बताया कि पांच साल पुराना हैंडपंप पहले पानी देता था, लेकिन बाद में सूख गया और अब जब उसके पास आग लगाई गई तो बोरवेल में ही आग लग गई। इसकी लपटें कई दिनों से दिख रही हैं।
राजस्थान के कोटपूतली में एक मासूम खेलते समय बोरवेल में गिर गई। बच्ची को बोरवेल से बाहर निकालने के लिए छह दिन से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इस बीच उसकी मां ने हाथ जोड़कर उसे बाहर निकालने की गुहार लगाई है।
कोटपूतली के कितरपुरा गांव में सोमवार को एक साढ़े तीन साल की बच्ची बोरवेल में गिर गई। बच्ची को बचाने के लिए राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
राजकीय जिला अस्पताल दौसा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी दीपक शर्मा ने बताया, "बच्चे को यहां इसलिए लाया गया था ताकि हम उसे संभव हो सके तो फिर से होश में ला सकें। हमने दो बार ईसीजी किया और बच्चे को मृत घोषित कर दिया गया।"
दौसा में एक पांच साल का बच्चा खुले बोरवेल में गिर गया है। उसे सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं। बोरवेल पर ढक्कन नहीं था, जिससे यह हादसा हुआ।
करीब 6 घंटे तक रेस्क्यू के बाद मासूम नवीन को बोरवेल से बाहर निकाला गया लेकिन तब तक वह दम तोड़ चुका था। बोरवेल में पानी भरने के चलते रेस्क्यू में काफी परेशानी आई।
राजस्थान के दौसा में एक बच्ची खेलते समय बोरवेल में जा गिरी और करीब 35 फुट की गहराई पर अटकी हुई थी, जिसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
अमरेली फायर विभाग की टीम हेल्थ और NDRF की टीम ने 17 घन्टे की मेहनत के बाद बच्ची को बहार निकाला, लेकिन आरोही की जान नहीं बचाई जा सकी।
गुजरात के अमरेली जिले में एक बार फिर एक मासूम की जिंदगी बोरवेल में फंसी हुई है। यहां पर एक छोटी बच्ची 45-50 फिट के बोरवेल में गिर गई। फिलहाल मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है।
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीमों ने 40 घंटे की मशक्कत की बाद बच्चे को बोरवेल से बाहर निकाला। जानकारी के मुताबिक बोरवेल में गिरने के तीन-चार घंटे बाद ही लड़के की मौत हो गई थी।
20 घंटे से ज्याद समय से बच्चे को बचाने की कोशिशें जारी है। शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे बच्चा खुले बोरवेल के पास खेल रहा था और अचानक उसमें गिर गया।
एडिशनल एसपी अनिल सोनकर ने बताया कि बच्चा अपने दोस्तों के साथ खेतों में कटी हुई गेहूं की फसल पर खेल रहा था, इसी दौरान वह बोरवेल में गिर गया। बाकी बच्चों ने उसकी मदद करने की कोशिश की।
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