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फिसलकर 150 फीट गहरे बोरवेल में गिरी मासूम का रेस्क्यू जारी, डाली गई ऑक्सीजन पाइप

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : Dec 24, 2024 11:59 pm IST,  Updated : Dec 25, 2024 12:03 am IST

कोटपूतली के कितरपुरा गांव में सोमवार को एक साढ़े तीन साल की बच्ची बोरवेल में गिर गई। बच्ची को बचाने के लिए राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

बोरवेल में गिरी बच्ची का रेस्क्यू जारी- India TV Hindi
बोरवेल में गिरी बच्ची का रेस्क्यू जारी Image Source : ANI

राजस्थान के कोटपूतली जिले के सरुंड थाना क्षेत्र के कितरपुरा गांव में सोमवार को एक दिल दहला देने वाली घटना घटी, जब एक साढ़े तीन साल की बच्ची बोरवेल में गिर गई। यह घटना सोमवार को अपराह्न करीब तीन बजे उस वक्त हुई जब बच्ची खेलते-खेलते भूपेंद्र चौधरी के खेत में बने खुले बोरवेल में फिसलकर गिर गई। बोरवेल की गहराई 150 फीट है और बच्ची को बचाने के लिए राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

युद्धस्तर पर बचाव कार्य जारी

सरुंड थाना क्षेत्र के थानाधिकारी मोहम्मद इमरान ने बताया कि बच्ची को सुरक्षित निकालने के लिए राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें युद्धस्तर पर काम कर रही हैं। एनडीआरएफ के सीनियर कमांडेंट योगेश मीणा ने जानकारी दी कि पहले दिन रिंग रॉड और अंब्रेला तकनीक का इस्तेमाल किया गया, लेकिन बच्ची को बोरवेल से बाहर निकालने में सफलता नहीं मिली। इसके बाद मंगलवार को बचाव दल ने एल बैंड (लोहे की प्लेट से बना एक देसी जुगाड़) का इस्तेमाल करके बच्ची को खींचने की कोशिश की।

बचाव टीम पर टिकीं उम्मीदें 

घटना के बाद, घटनास्थल पर स्थिति को नियंत्रित करने और बचाव कार्य को तेज करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की टीम भी पहुंच गई है। बचाव टीम ने बोरवेल में ऑक्सीजन पाइप भी डाला है, ताकि बच्ची को ताजे हवा की आपूर्ति हो सके। बचाव कार्य में अत्याधुनिक तकनीकों और उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस बचाव अभियान को लेकर स्थानीय लोगों और आसपास के क्षेत्रों के लोग भी राहत कार्य में सहयोग कर रहे हैं। बच्ची के परिवार और स्थानीय निवासियों की चिंता और उम्मीदें बचाव टीम पर टिकी हैं।

कुछ दिनों पहले दौसा जिले में एक पांच साल का बच्चा बोरवेल में गिर गया था। उस बच्चे को सुरक्षित निकालने के लिए 55 घंटे से ज्यादा समय तक राहत और बचाव कार्य चला था, लेकिन दुर्भाग्यवश उसे बचाया नहीं जा सका और वह जिंदगी की जंग हार गया। इस घटना के बाद से ही प्रशासन और राहत टीमें बोरवेल में गिरने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर हो गई हैं। (भाषा इनपुट के साथ)

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