मध्य प्रदेश के धार जिले में यूनियन कार्बाइड के 337 टन कचरे के प्रस्तावित निपटान को लेकर स्थानीय लोगों की आशंकाओं के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें एक बोरवेल से ‘काला’ पानी निकलता हुआ दिखाई दे रहा है। एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि किसी भी तरह की आशंका को दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने पीथमपुर शहर के निकट उस इलाके का दौरा किया, जहां कचरे को निपटान के लिए लाया गया था।
मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक अधिकारी अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि जब उन्होंने पीथमपुर से सटे सागर के एक खेत में लगे बोरवेल की जांच की, तो उसमें से साफ पानी निकल रहा था। उन्होंने बताया कि बोरवेल और पास के नाले से पानी के सैंपल एकत्र किए गए हैं। मिश्रा ने बताया कि लैब टेस्ट के परिणाम प्राप्त होने के बाद ही वह पानी की गुणवत्ता के अन्य मापदंडों पर टिप्पणी कर पाएंगे।
बोरवेल के मालिक अंकित खोतन ने बताया कि अधिकारियों ने पानी के सैंपल एकत्र किए हैं। किसान ने कहा कि जब वह दो-तीन दिनों के अंतराल पर मोटर चलाते हैं तो उससे ‘काला’ पानी निकलता है। उन्होंने दावा किया कि पानी उनकी फसल को नुकसान पहुंचा रहा है और पीने योग्य नहीं है। खोतन ने बताया कि सरकारी अधिकारियों के सामने बोरवेल से साफ पानी निकल रहा था।
इस बीच, जिला प्रशासन भोपाल में अब बंद हो चुके यूनियन कार्बाइड संयंत्र से लाए गए कचरे के प्रस्तावित निपटान से पहले स्थानीय लोगों के बीच जागरूकता अभियान जारी रखे हुए है। (भाषा इनपुट्स के साथ)
यह भी पढ़ें-
संपादक की पसंद