1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. Draupadi Murmu: आखिर 25 जुलाई को ही क्यों शपथ लेते हैं भारत के राष्ट्रपति, द्रौपदी मुर्मू ने भी चुनी यही तारीख, पढ़ें पूरी कहानी

Draupadi Murmu: आखिर 25 जुलाई को ही क्यों शपथ लेते हैं भारत के राष्ट्रपति, द्रौपदी मुर्मू ने भी चुनी यही तारीख, पढ़ें पूरी कहानी

 Written By: Sushmit Sinha @sushmitsinha_
 Published : Jul 22, 2022 11:50 am IST,  Updated : Dec 14, 2022 11:55 pm IST

Draupadi Murmu: 25 जुलाई को द्रौपदी मुर्मू देश की 15वीं राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ग्रहण करेंगी। यहां सवाल यह उठता है कि आखिरकार भारत के तमाम राष्ट्रपति 25 जुलाई को ही शपथ ग्रहण क्यों करते हैं। दरअसल, यह परंपरा आज की नहीं वर्षों पुरानी है और तब से ऐसी ही बनी हुई है।

 President of India- India TV Hindi
President of India Image Source : INDIA TV

Highlights

  • आखिर 25 जुलाई को ही क्यों शपथ लेते हैं भारत के राष्ट्रपति
  • द्रौपदी मुर्मू ने भी चुनी यही तारीख
  • यह परंपरा आज की नहीं वर्षों पुरानी है

Draupadi Murmu: देश के 15वें राष्ट्रपति का चुनाव समाप्त हो गया। इस चुनाव में एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू ने विपक्ष के साझा उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को मात दे दी। द्रौपदी मुर्मू को कुल 2824 वोट मिले, जबकि यशवंत सिन्हा के खाते में 1877 वोट आए। अब 25 जुलाई को द्रौपदी मुर्मू देश की 15वीं राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ग्रहण करेंगी। यहां सवाल यह उठता है कि आखिरकार भारत के तमाम राष्ट्रपति 25 जुलाई को ही शपथ ग्रहण क्यों करते हैं। दरअसल यह परंपरा आज की नहीं वर्षों पुरानी है और तब से ऐसी ही बनी हुई है। द्रौपदी मुर्मू से पहले भी जो राष्ट्रपति थे उन्होंने 25 जुलाई को ही शपथ ली थी। देश के मौजूदा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी 25 जुलाई को शपथ ली थी। उनसे पूर्व प्रणब मुखर्जी ने भी 25 जुलाई को ही शपथ ग्रहण किया था।

अब तक कितने राष्ट्रपतियों ने ली है 25 जुलाई को शपथ

देश में कुल ऐसे अब तक 9 राष्ट्रपति हुए हैं, जिन्होंने 25 जुलाई को अपने पद की शपथ ली है। इनमें सबसे पहला नाम देश के छठे राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी का आता है। उन्होंने 25 जुलाई 1977 को देश के राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी। दरअसल, देश में जब इंदिरा गांधी की सरकार ने इमरजेंसी लगाई थी तो उसके बाद जब पहली बार राष्ट्रपति पद के लिए चुना हुआ तो पूर्व में जनता पार्टी के नेता रहे नीलम संजीव रेड्डी को जीत हासिल हुई थी।

25 जुलाई को ही शपथ क्यों होती है

साफ साफ शब्दों में कहें तो इसका कोई खास कारण नहीं है। दरअसल, देश के छठे राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी ने जब 25 जुलाई को राष्ट्रपति पद की शपथ ली तो उसके बाद जिन भी राष्ट्रपतियों ने अपना कार्यकाल पूरा किया उन सभी ने इसी तारीख को राष्ट्रपति पद की शपथ ली। नीलम संजीव रेड्डी के बाद अब तक देश के कुल 8 राष्ट्रपतियों ने अपना कार्यकाल पूरा किया है। 24 जुलाई को रामनाथ कोविंद का भी कार्यकाल पूरा हो जाएगा, इसी वजह से 25 जुलाई को द्रौपदी मुर्मू देश के राष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेंगी।

इन राष्ट्रपतियों ने 25 जुलाई को शपथ नहीं ली

ऐसा नहीं है कि देश के सभी राष्ट्रपतियों ने 25 जुलाई को शपथ ली है। कुछ ऐसे भी राष्ट्रपति हैं जिन्होंने 25 जुलाई को शपथ नहीं ली है। ऐसे राष्ट्रपतियों की संख्या पांच है जिन्होंने 25 जुलाई को शपथ नहीं लिया। इनमें सबसे पहला नाम देश के पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद का है उन्होंने 26 जनवरी 1950 को राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी। आज तक के इतिहास में वही एक ऐसे राष्ट्रपति हैं जिन्हें देश में एक से अधिक कार्यकाल के लिए चुना गया था। इसके बाद देश के दूसरे राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने भी 25 जुलाई को शपथ नहीं ली थी, उन्होंने 13 मई 1962 को शपथ ली थी। जबकि जाकिर हुसैन ने 13 मई 1967 को देश के तीसरे राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी और देश के चौथे राष्ट्रपति वीवी गिरी ने 24 अगस्त 1969 को राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी। देश के पांचवें राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने 24 अगस्त 1974 को शपथ ली थी। हालांकि, उनका अपने कार्यकाल के दौरान ही निधन हो गया था।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत