Noida Violence News: नोएडा में हुई हिंसा के मामले पर गौतम बुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़े खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि नोएडा में हुई हिंसा मेलाफाइड इंटेंशन ऑर्गेनाइज एक्टीविटी थी। मनीषा चौहान, रूपेश राय और आदित्य आनंद का नाम मजदूरों को भड़काने में आया है। रूपेश, 2018 से और आदित्य, 2020 से लगातार देशभर में भ्रमण कर रहे हैं। कहीं भी कोई एजिटेशन हो, उसमें इनकी प्रेजेंस होती है। रूपेश रॉय खुद को ऑटो चालक बताता है तो वहीं, आदित्य खुद को बेरोजगार कहता है। इस हिंसा को भड़काने में पाकिस्तान से ऑपरेट होने वाले 2 X हैंडल का भी पता चला है। साथ ही उन्होंने, हिंसा की टाइमलाइन के बारे में भी बताया।
31 मार्च से हो गई थी हिंसा की साजिश रचने की शुरुआत
गौतम बुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर ने कहा, '31 मार्च और 1 अप्रैल को रूपेश और आदित्य का मूवमेंट नोएडा में एक साथ हुआ। 9 और 10 अप्रैल को QR कोड भेजकर व्हाट्सऐप ग्रुप बनाए गए। 10 अप्रैल को श्रमिक आंदोलन करते हैं और 11 अप्रैल को रोड जाम करने के लिए उकसाया गया। फिर 11 अप्रैल को शांतिपूर्ण तरह से समझौता हुआ तब उन्होंने उत्तेजित भाषण देकर मजदूरों को भड़काया।'
प्रदर्शन शांत कराने के बाद फेक न्यूज के जरिए भड़काया
उन्होंने आगे कहा कि इनके द्वारा ही 13 अप्रैल को मदरसन के सामने इकट्ठा होने के लिए भड़काया गया। रूपेश और मनीषा चौहान पकड़े गए और आदित्य फरार है। 13 अप्रैल को जब प्रदर्शन शांत करवाया गया तो 2 सोशल मीडिया X अकाउंट के द्वारा गलत सूचना फैलाई गई। प्रदर्शन के दौरान मजदूरों को ये X पोस्ट देखते हुए पाया गया। थाना सेक्टर-20 में उसी दिन FIR दर्ज करवाई गई। हिंसा होने के बाद मुख्य साजिशकर्ता आदित्य आनंद गेटअप बदलकर फरार हो गया।

नोएडा हिंसा में पाकिस्तान का हाथ
गौतम बुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कहा, 'जांच में ये दोनों X हैंडल पाकिस्तान से संचालित पाए गए। इनके द्वारा VPN का इस्तेमाल किया गया। ये तीन महीने से पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहे हैं। कोई तत्व है जो औद्योगिक क्षेत्रों को डिस्टर्ब करना चाहता है। डाटा बेस का इस्तेमाल कर सोशल मीडिया के जरिए मजदूरों को भड़काया गया। 13 मुकदमे किए गए हैं, जिसमें सोशल मीडिया के अकाउंट शामिल हैं। अबतक 62 गिरफ्तारी हुई हैं। आगजनी करने वाले 9 लोग भी इसमें शामिल हैं। ये लोग पुलिस पर हमला करने वाली भीड़ का हिस्सा थे। इनमें से ज्यादातर लोग नॉन लेबर हैं। कुछ लोग बाहर से आए थे जो इस हिंसा में शामिल हुए थे। उनके खिलाफ NSA के तहत कार्रवाई की जाएगी।'
हिंसा करने वालों में ज्यादातर मजदूर नहीं
उन्होंने बताया, 'ज्यादातर गिरफ्तार आरोपी नॉन लेबर हैं। हिंसा करने वाले श्रमिकों को गिरफ्तार नहीं किया गया। मुख्य साजिशकर्ता आदित्य आनंद फरार है। दो दिन से नोएडा में शांति है। फ्लैगमार्च किए जा रहे हैं। श्रमिकों ने अलग-अलग शिफ्ट में काम शुरू कर दिया है। 13 तारीख को दो सोशल मीडिया के द्वारा गलत तथ्य वायरल कराया गया था। भीड़ को उकसाया गया कि पुलिस ने फायरिंग में कई लोग मारे हैं। मुकदमे लिखे हैं। दोनों दोनों X हैंडल पाकिस्तान से चलाए जा रहे हैं। क्यूआर कोड बनाकर हजारों श्रमिकों को जोड़ा गया था।'
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