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100 साल के इतिहास में पहली बार तमिलनाडु में हुई इतनी बारिश, बने बाढ़ जैसे हालात; 10 लोगों की गई जान

 Published : Dec 20, 2023 08:12 am IST,  Updated : Dec 20, 2023 08:12 am IST

तमिलनाडु के इतिहास में पहली बार इतनी बारिश सिर्फ एक दिन हुई है कि बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सीएम ने इसके लिए केंद्र सरकार से मदद की गुहार भी लगाई है।

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100 साल में पहली बार तमिलनाडु में हुई इतनी बारिश Image Source : PTI

तमिलनाडु में इन दिनों भारी बारिश कहर बरपा रही है। राज्य के दक्षिणी जिलों में कई जगहों पर लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। आलम यह है कि भारी बारिश से 10 लोगों की मौत हो गई। भारी बारिश से कई इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। जिसकी वजह से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वहीं, राज्य की कई नदियों और झीलों का जलस्तर काफी बढ़ गया है। वहीं, राहत व बचाव के लिए NDRF और SDRF के 250 जवानों को तैनात किया गया है।

इन जिलों में हालात ज्यादा खराब

तमिलनाडु में लगातार बारिश के कारण हालात खराब हो रहे हैं। सबसे ज्यादा खराब हालात चार समुद्र तटीय जिले कन्याकुमारी, तिरुनेलवेली, तूतीकोरिन और तेनकासी में हो गए है। यहां बाढ़ जैसी स्थिति देखते हुए NDRF और SDRF के 250 जवानों को इन जिलों में तैनात किया गया है। जवानों ने 7500 से अधिक लोगों को उनके घरों से निकलकर राज्य सरकार की ओर से बनाए गए राहत शिविरों में भेज दिया है। बता दें कि पिछले दो दिनों में दक्षिण तमिलनाडु में 1150 मिली मीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है। तिरुनेलवेली और तूतीकोरिन जिलों में सबसे ज्यादा बारिश हुई है। पिछले 30 घंटों में कयालपट्टिनम में 11 सौल 86 मिमी बारिश हुई, जबकि तिरुचेंदूर में 921 मिमी बारिश हुई।

बारिश होने की संभावना

इसी बीच, दक्षिणी तमिलनाडु में थूथुकुडी के पास बाढ़ वाले इलाके श्रीवैकुंटम में फंसे सभी 809 ट्रेन यात्रियों को मंगलवार को बचा लिया गया है। मौसम विभाग की मानें तो अगले 24 घंटों तक आसमान में बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

100 साल के इतिहास में इतनी ज्यादा बारिश

तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने कहा कि राज्य के दक्षिणी जिलों में सालभर में जितनी बारिश होती है, उतनी एक ही दिन हो गई और बाढ़ आ गई। 100 साल के इतिहास में इस साल सबसे ज्यादा दक्षिणी जिलों में भारी बारिश से काफी नुकसान हुआ है। इसलिए तिरुनेलवेली, थूथुकुडी, कन्याकुमारी और तेनकासी जिलों के लोगों को जरूरी सहायता पहुंचाने के लिए आपदा राहत कोष से 2000 करोड़ रुपये जारी करने की जरूरत है।

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