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नॉर्थ ब्लॉक से गृह मंत्रालय को किया जा रहा है शिफ्ट, अब CCS-3 बिल्डिंग में होगा कार्यालय

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : Jul 24, 2025 02:11 pm IST,  Updated : Jul 24, 2025 02:16 pm IST

गृह मंत्रालय को इंडिया गेट के पास कर्तव्य पथ पर स्थित एक नवनिर्मित भवन सीसीएस-3 में शिफ्ट किया जा रहा है। गृह मंत्रालय को नए भवन में लगभग 350 कमरे आवंटित किए गए हैं।

नई इमारत में शिफ्ट हो रहा है गृह मंत्रालय- India TV Hindi
नई इमारत में शिफ्ट हो रहा है गृह मंत्रालय Image Source : PTI/FILE

नई दिल्ली: गृह मंत्रालय (MHA) ने रायसीना हिल्स स्थित नॉर्थ ब्लॉक मुख्यालय को खाली करना शुरू कर दिया है और अब यह इंडिया गेट के पास कर्तव्य पथ पर स्थित एक नवनिर्मित भवन, सीसीएस-3 में शिफ्ट हो रहा है। यह शिफ्टिंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा प्रोजक्ट का एक हिस्सा है, जिसका उद्देश्य राजधानी के हृदय स्थल को नया स्वरूप देना है।

सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, कुछ संयुक्त सचिव और अतिरिक्त सचिव स्तर के अधिकारी अपने कर्मचारियों के साथ पहले ही सीसीएस-3 (CCS-3) भवन में शिफ्ट हो चुके हैं। शेष अधिकारी और कर्मचारी भी अगले कुछ दिनों में इस प्रक्रिया को पूरा कर लेंगे। हालांकि, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का कार्यालय अभी तक शिफ्ट नहीं हुआ है, लेकिन इस संबंध में भी प्रक्रिया जारी है। गृह मंत्रालय को नए भवन में लगभग 350 कमरे आवंटित किए गए हैं।

90 वर्षों से गृह मंत्रालय का मुख्यालय रहा

नॉर्थ ब्लॉक, लाल बलुआ पत्थर से बनी एक शानदार इमारत है, लगभग 90 वर्षों से गृह मंत्रालय का मुख्यालय रहा है। ब्रिटिश वास्तुकार हर्बर्ट बेकर द्वारा डिजाइन की गई यह इमारत, साउथ ब्लॉक के साथ-साथ संसद भवन और कई बंगलों का भी हिस्सा थी, जिन्हें एडविन लुटियंस के सहयोग से नई दिल्ली की समग्र योजना के तहत बनाया गया था।

खाली इमारतों को विशाल संग्रहालय में बदलने की योजना

सेंट्रल विस्टा योजना के तहत नई इमारतें तैयार होने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय और गृह, वित्त, रक्षा और विदेश मंत्रालय जैसे प्रमुख कार्यालयों वाली एक जैसी इमारतें- नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक पूरी तरह से खाली हो जाएंगी। सरकार की योजना इन खाली इमारतों को एक विशाल संग्रहालय में बदलने की है, जिसका नाम 'युगे युगीन भारत' होगा। यह 1.55 लाख वर्ग मीटर क्षेत्रफल और 950 कमरों वाला दुनिया के सबसे बड़े संग्रहालयों में से एक होगा।

केंद्रीय सचिवालय परिसर का प्रस्ताव

सेंट्रल विस्टा परियोजना के हिस्से के रूप में, केंद्र ने सभी मंत्रालयों को समायोजित करने के लिए कर्त्तव्य पथ पर 10 कार्यालय भवनों और एक सम्मेलन केंद्र का एक केंद्रीय सचिवालय परिसर प्रस्तावित किया था। इनमें से पहले तीन कार्यालय भवनों का निर्माण हो चुका है।

सरकारी आदेश के अनुसार, CCS-3 भवन में प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का कार्यालय और गृह मंत्रालय के अलावा विदेश मंत्रालय, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, ग्रामीण विकास मंत्रालय और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के कार्यालय होंगे।

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