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भारत में मिला मंकीपॉक्स के खतरनाक स्ट्रेन का पहला मरीज, क्लेड-1 को WHO ने बताया था 'हेल्थ इमरजेंसी'

Edited By: Khushbu Rawal @khushburawal2
Published : Sep 23, 2024 07:48 pm IST, Updated : Sep 23, 2024 07:55 pm IST

भारत में मंकीपॉक्स के पहले क्लेड-1 स्ट्रेन का पहला मरीज मिला है। यह वही स्ट्रेन है, जिसे वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर चुका है। केरल में जिस 30 साल के मरीज में इस स्ट्रेन की पुष्टि हुई है वो हाल ही में UAE से यात्रा करके लौटा था।

Mpox- India TV Hindi
Image Source : FILE PHOTO एमपॉक्स वायरस

नई दिल्ली: मंकीपॉक्स (Mpox) वायरस के जिस स्वरूप (स्ट्रेन) को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पिछले महीने ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया था, भारत में उसका पहला मामला सामने आया है और पिछले सप्ताह केरल में एक व्यक्ति के इससे संक्रमित होने की पुष्टि हुई। आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मल्लपुरम निवासी 38 वर्षीय व्यक्ति को ‘क्लेड 1बी स्ट्रेन’ से संक्रमण का पता चला है जो हाल में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से लौटा है। सूत्रों ने बताया कि रोगी की हालत स्थिर है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह इस स्ट्रेन का पहला मामला था। इस स्ट्रेन के कारण विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पिछले महीने दूसरी बार एमपॉक्स को सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया था।’’

दिल्ली में मिला था क्लेड 2 स्ट्रेन का मरीज

इससे पहले राष्ट्रीय राजधानी में सामने आया एमपॉक्स का एक मामला हरियाणा के हिसार निवासी 26 वर्षीय व्यक्ति का था, जो इस महीने की शुरुआत में पश्चिमी अफ्रीकी ‘क्लेड 2’ स्ट्रेन से संक्रमित पाया गया था। डब्ल्यूएचओ द्वारा एमपॉक्स को 2022 से ‘अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल’ घोषित किए जाने के बाद से भारत में इसके 30 मामले सामने आए हैं।

केरल की स्वास्थ्य मंत्री ने विदेश से लौटने वालों से की अपील

इस बीच केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने विदेश से लौटने वालों एवं अन्य लोगों से लक्षण होने पर स्वास्थ्य विभाग को सूचित करने और जल्द से जल्द उपचार कराने की अपील की है। एक सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने विभिन्न जिलों में ऐसे सरकारी अस्पतालों की सूची भी जारी की, जहां प्रभावित व्यक्तियों के लिए उपचार और पृथकवास सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में भी उपचार उपलब्ध है। जॉर्ज ने लोगों से सतर्कता बरतने की अपील करते हुए कहा कि राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने कई अफ्रीकी देशों में एमपॉक्स का संक्रमण फैलने के मद्देनजर केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के अनुरूप राज्य में हवाई अड्डों पर निगरानी बढ़ा दी है।

किसी भी तरह का लक्षण होने पर एयरपोर्ट पर जानकारी देने को कहा

उन्होंने कहा कि जो लोग ऐसे देशों से आ रहे हैं जहां संक्रमण के मामले आए हैं, उन्हें किसी तरह का लक्षण होने पर हवाई अड्डे पर जानकारी देने को कहा गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 2022 में एमपॉक्स का पहला मामला सामने आने के बाद से केरल ने इस संबंध में मानक परिचालन प्रक्रिया (SOP) अपनाई है और उसी के अनुसार पृथकवास, नमूना एकत्रण और उपचार सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने कहा कि हर अस्पताल से इस ‘प्रोटोकॉल’ का पालन करने का आग्रह किया गया है। जॉर्ज ने लोगों, खासकर प्रभावित व्यक्तियों के नमूने लेने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को जरूरी सावधानियों का सख्ती से पालन करने को कहा। (भाषा इनपुट्स के साथ)

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