नई दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। उनका अंतरिक्ष मिशन 10 जून तक के लिए स्थगित हो गया है। Axiom स्पेस के प्रवक्ता के हवाले से पीटीआई ने ये जानकारी दी है। मिली जानकारी के मुताबिक, भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को लेकर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए एक्सिओम स्पेस का मिशन 10 जून तक बढ़ा दिया गया है।
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कब शुरू होने वाला था मिशन?
पहले यह अंतरिक्ष उड़ान 8 जून को फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसएक्स के फाल्कन-9 रॉकेट के जरिए प्रक्षेपित की जानी थी। हालांकि, मिशन को दो दिन के लिए स्थगित कर दिया गया है। बता दें कि कैप्टन शुक्ला मानव अंतरिक्ष उड़ान के लिए प्रशिक्षित भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों की पहली टीम का हिस्सा हैं, जिसमें कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर उनके बैकअप के रूप में कार्य कर रहे हैं।
Axiom -4 मिशन के पायलट शुक्ला के अलावा, अन्य चालक दल के सदस्यों में पोलैंड के स्लावोस्ज़ उज़नांस्की-विस्नीवस्की और हंगरी के टिबोर कापू शामिल हैं। यह दोनों यूरोपीय देशों के इतिहास में अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की पहली यात्रा है, तथा 40 वर्षों में दूसरा सरकार-प्रायोजित मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन है। अनुभवी अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री पैगी व्हिटसन एक्सिओम-4 मिशन की कमांडर होंगी।
मिशन क्या है?
एक बार डॉक हो जाने के बाद, अंतरिक्ष यात्री कक्षा में स्थित प्रयोगशाला में 14 दिन तक रहने की योजना बना रहे हैं, जहां वे विज्ञान, आउटरीच और वाणिज्यिक गतिविधियां संचालित करेंगे। एक्स-4 अंतरिक्ष यात्री आईएसएस में अपने 14-दिवसीय प्रवास के दौरान 31 देशों का प्रतिनिधित्व करते हुए लगभग 60 वैज्ञानिक अध्ययन और गतिविधियां करेंगे।
शुक्ला नासा के सहयोग से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) के बीच सहयोग के तहत विकसित विशेष खाद्य और पोषण संबंधी प्रयोगों का संचालन करने के लिए तैयार हैं। इस मिशन में शुक्ला की भागीदारी भारत के लिए गर्व की बात है। यह मिशन भारत के लिए काफी खास है क्योंकि शुभांशु शुक्ला साल 1984 के बाद अंतरिक्ष जाने वाले पहले भारतीय यात्री होंगे। वहीं साल 2026 में भारत मिशन गगनयान लॉन्च करने वाला है। इस मिशन के जरिए हमें भविष्य के लिए काफी योजनाएं बनाने को मिलेंगी। (इनपुट: PTI)