भारतीय सेना जम्मू-कश्मीर में आए दिन आतंकियों को ढेर कर रही है। इस बीच कई बार आतंकी हमलों में कुछ सेना के जवान वीरगति को प्राप्त होते हैं। आतंकी हमलों में कुछ नागरिकों की भी मौत हो जाती है। इस बीच सरकार द्वारा आतंकी हमलों और इसमें मारे गए सेना के जवान और नागरिकों का आंकड़ा जारी किया गया है। दरअसल गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राज्य ने राज्यसभा में पिछले 5 वर्षों का आंकड़ा साझा किया है। इस आंकड़े के मुताबिक आंतरिक भारत में 2018-2022 के बीच 5 आतंकवादी घटनाएं हुई हैं। इन घटनाओं में 3 नागरिकों की मौत हुई है, जबकि सशस्त्र बल का कोई भी सिपाही इसमें हताहत नहीं हुआ है। इस दौरान 1 आतंकवादी को मार गिराया गया है।
Related Stories
आतंकी हमलों में कितने नागरिकों की हुई मौत
पूर्ववर्ती राज्य जम्मू कश्मीर को लेकर नित्यानंद राज्य ने लिखित उत्तर देते हुए राज्यसभा में जानकारी दी कि 2018-2022 यानि पिछले 5 सालों में यहां 761 आतंकी हमले हुए हैं। इन आतंकी हमलों में जम्मू कश्मीर में कुल 174 नागरिक मारे गए। उन्होंने कहा, 'इस अवधि में हुई 626 मुठभेड़ों में केंद्र शासित प्रदेश में 35 नागरिक मारे गए हैं। जबकि अलग-अलग आतंकी हमलों में 308 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए हैं। इस दौरान सुरक्षाबलों द्वारा मुंहतोड़ जवाब देते हुए 1002 आतंकवादियों को मार गिराया गया है।' नित्यानंद राय ने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में पिछले 5 सालों में एक भी आतंकी हमला नहीं हुआ है और न ही कोई आतंकी हमलों में हताहत हुआ है।
नित्यानंद राय ने राज्यसभा में दिया जवाब
बता दे कि धारा 370 हटाए जाने के बाद से ही आतंकी भारत में बड़े हमले की योजना बना रहे हैं। लेकिन भारतीय सेना द्वारा लगातार आतंकी संगठनों को मंसूबों को नाकाम कर दिया जा रहा है। बीते दिनों सीमा पार कर रहे एक आतंकी को सुरक्षाबलों ने मार गिराया था। इसी बीच बीते दिनों आतंकी हमले की फिराक में घूम रहे आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और उसके सहयोगी संगठन टीआरएफ के तीन दहशतगर्दों को गिरफ्तार किया गया है। इन आतंकियों के पास से तीन ग्रेनेड, 10 पिस्तौल के कारतूस, 25 एके47 के कारतूस और अन्य आपत्तिजनक सामग्रिया बरामद की गई हैं।