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Crime News: डायन के शक में महिला को किया निर्वस्त्र, आखिर इस प्रदेश में लगातार महिलाओं के खिलाफ ऐसा क्यों हो रहा है

 Edited By: Ravi Prashant
 Published : Oct 13, 2022 11:43 pm IST,  Updated : Oct 13, 2022 11:43 pm IST

Jharkhand Crime News: अगर झारखंड से कोई खबर आ जाए कि महिला को डायन बताकर मार दिया गया है तो चौकने वाली बात नहीं होगी। इस प्रदेश में ये आम सी हो गई है। आए दिन महिलाओं को डायन बताकर हत्या किया जा रहा है। इसके अलावा महिलाओं के खिलाफ हिंसा भी बढ़ी है।

Jharkhand Crime News- India TV Hindi
Jharkhand Crime News Image Source : INDIA TV

Highlights

  • डायन-बिसाही के नाम पर झारखंड में हर साल औसतन 35 हत्याएं हुईं हैं
  • डायन प्रताड़ना के लगभग 30 से 40 प्रतिशत मामले तो पुलिस के पास पहुंच ही नहीं पाते
  • 21 हजार रुपये देने की शर्त पर उन्हें छोड़ा गया

Jharkhand Crime News: झारखंड से आए दिन खबर आती है कि महिला को डायन बताकर मार दिया गया है। महिलाओं पर डायन का आरोप लगाकर लगातार हमले हो रहे हैं। प्रदेश में ऐसा प्रतित हो रहा है कि महिलाएं सुरक्षित नहीं है। हर महीने में किसी ना किसी महिलाओं के साथ छेडखानी या रेप, डायन बताकर हत्या करना आम बात हो गया है। इसी महीने रांची के तमाड़ थाना अंतर्गत रांची बारेडीह गांव में एक 55 वर्षीय महिला को डायन करार देकर उसके अपने ही भतीजे जय स्वांसी ने धारदार हथियार से काट डाला। खूंटी के मारंगहादा गांव में मंगरा नाग ने अपनी भाभी को डायन होने के संदेह में लाठियों से पीट-पीटकर मार डाला। फिर इसी तरह का मामला सामने आया है जहां महिला को डायन के शक के आधार पर निर्वस्त्र कर दिया गया है

डायन के शक के आधार पर महिला को किया निर्वस्त्र 

झारखंड के साहिबगंज जिले में 60 वर्षीय महिला ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने उन्हें डायन बताकर निर्वस्त्र किया और पेड़ से बांध दिया। पीड़िता का दावा है कि उन्हें 21 हजार रुपये देने की शर्त पर छोड़ा गया। पुलिस ने बताया कि महिला की शिकायत पर साहिबगंज के बरहेट थाने में तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। महिला ने पुलिस को बताया कि आरोपी को 21 हजार रुपये देने की शर्त पर उन्हें छोड़ा गया। बरहेट थाना प्रभारी गौरव कुमार के मुताबिक, पीड़िता ने दावा किया है कि यह घटना 20 दिन पहले घटित हुई और इसे ग्राम पंचायत सुलझा रही थी। 

मामले की जांच की जा रही है
कुमार ने बताया कि महिला ने बुधवार को तीन लोगों के खिलाफ इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि आरोपी फरार हैं और उन्हें पकड़ने के प्रयास जारी हैं। थाना प्रभारी ने कहा कि मामले की जांच जारी है और कुछ ग्रामीणों से पूछताछ की गयी है। दूसरी ओर, उन्होंने बताया कि कुछ ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी और पीड़िता पड़ोसी हैं और उनका आपसी विवाद है, जिसके चलते इस तरह के आरोप लगाये गये हैं। पुलिस ने कहा कि मामले में तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। 

डायन बताकर मार दिया जाता है
पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि पिछले सात वर्षों में डायन-बिसाही के नाम पर झारखंड में हर साल औसतन 35 हत्याएं हुईं हैं। अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) के आंकड़ों के मुताबिक 2015 में डायन बताकर 46 लोगों की हत्या हुई। साल 2016 में 39, 2017 में 42, 2018 में 25, 2019 में 27, 2020 में 28 और 2021 में 22 हत्याएं हुईं। इस वर्ष अब तक डायन के नाम पर 23 हत्याएं हुई हैं। इस तरह साढ़े सात वर्षों का आंकड़ा कुल मिलाकर 250 से ज्यादा है। डायन बताकर प्रताड़ित करने के मामलों की बात करें तो 2015 से लेकर 2020 तक कुल 4556 मामले पुलिस में दर्ज किये गये। यानी हर रोज दो से तीन मामले पुलिस के पास पहुंचते हैं।

हमले का शिकार हो लगातार महिलाएं हो रही है
झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता और कई सामाजिक संगठनों से जुड़े योगेंद्र यादव आईएएनएस को बताते हैं डायन, जादू-टोना अंधविश्वास राज्य में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार की सबसे बड़ी वजह है। डायन प्रताड़ना के लगभग 30 से 40 प्रतिशत मामले तो पुलिस के पास पहुंच ही नहीं पाते। दबंगों के खौफ की वजह से कई लोग जुल्म सहकर भी चुप रह जाते हैं। इनमें ज्यादातर महिलाएं होती हैं। कई बार प्रताड़ित करने वाले अपने ही घर के लोग होते हैं। 

नियम बनने के बावजुद हो रही है घटनाएं 
ऐसे मामले पुलिस में तभी पहुंचते हैं, जब जुल्म की इंतेहा हो जाती है। योगेंद्र बताते हैं कि डायन-बिसाही के नाम पर प्रताड़ना की घटनाओं के लिए लिए वर्ष 2001 में डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम लागू हुआ था, लेकिन झारखंड बढ़ने के बाद डायन प्रताड़ना और हिंसा के बढ़ते मामले यह बताते हैं कि कानून की नये सिरे से समीक्षा की जरूरत है। दंड के नियमों को कठोर बनाये जाने, फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाकर ऐसे मामलों में जल्द फैसला लिये जाने और सामाजिक स्तर पर जागरूकता का अभियान और तेज किये जाने की जरूरत है।

 

 

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