1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. निचली अदालतों को केरल हाई कोर्ट का आदेश- AI के इस्तेमाल से बचें, वर्ना होगी कार्रवाई

निचली अदालतों को केरल हाई कोर्ट का आदेश- AI के इस्तेमाल से बचें, वर्ना होगी कार्रवाई

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : Jul 20, 2025 12:26 pm IST,  Updated : Jul 20, 2025 12:27 pm IST

केरल हाई कोर्ट ने अदालतों को आदेश जारी करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उपकरणों का उपयोग नहीं करने का निर्देश दिया है।

प्रतीकात्मक फोटो- India TV Hindi
प्रतीकात्मक फोटो

केरल हाई कोर्ट ने निचली अदालतों को न्यायिक आदेश जारी करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उपकरणों का इस्तेमाल नहीं करने का निर्देश दिया है। यह देश में अपनी तरह का पहला ऐसा फैसला है। हाई कोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों और अन्य के लिए विशेष दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि चैटजीपीटी जैसे क्लाउड-आधारित AI उपकरणों का इस्तेमाल आदेश जारी करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। इन दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी।

AI के इस्तेमाल पर कोर्ट का निर्देश 

दिशानिर्देशों में यह भी साफ किया गया है कि AI का इस्तेमाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने, आदेश जारी करने या निर्णय सुनाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। हाई कोर्ट ने AI उपकरणों के इस्तेमाल में सावधानी बरतने पर जोर दिया है, क्योंकि इनमें त्रुटियों की संभावना होती है।

उचित प्रशिक्षण प्राप्त करना अनिवार्य 

इन निर्देशों के अनुसार, AI उपकरणों का उपयोग करने से पहले उचित प्रशिक्षण प्राप्त करना अनिवार्य है। इसके लिए न्यायिक अकादमी या उच्च न्यायालय में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेना होगा। यदि AI उपकरणों का उपयोग किया जाता है, तो वे केवल अनुमोदित होने चाहिए।

हाई कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि उपयोग के हर चरण में पर्यवेक्षण होना चाहिए। इसके अलावा, यदि अनुमोदित AI उपकरणों में कोई विसंगति पाई जाती है, तो हाई कोर्ट के आईटी विभाग को तुरंत सूचित किया जाना चाहिए।

केरल हाई कोर्ट की स्थापना

बता दें कि केरल हाई कोर्ट भारत के केरल राज्य और केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप का हाई कोर्ट है। यह कोच्चि में स्थित है। केरल हाई कोर्ट की स्थापना 1 नवंबर 1956 को हुई थी। यह तारीख भारत में राज्यों के पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के तहत केरल राज्य के गठन के साथ ही तय की गई थी। इसका उद्घाटन 5 नवंबर 1956 को हुआ था। (भाषा इनपुट के साथ)

ये भी पढ़ें-

पंजाब में धार्मिक ग्रंथों के अपमान पर आजीवन कारावास तक की सजा, विधानसभा में विधेयक पेश

मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक हुई शुरू, जानें इस बार कौन-कौन से विधेयक होंगे पेश

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत