Saturday, March 14, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. कांवड़ यात्रा नेम प्लेट मामले पर भड़के मौलाना अरशद मदनी, बुला ली कानूनी टीम की बैठक

कांवड़ यात्रा नेम प्लेट मामले पर भड़के मौलाना अरशद मदनी, बुला ली कानूनी टीम की बैठक

Reported By : Shoaib Raza Edited By : Mangal Yadav Published : Jul 20, 2024 04:34 pm IST, Updated : Jul 20, 2024 04:39 pm IST

मौलाना मदनी ने कहा कि यह पहली बार है कि इस प्रकार का आदेश जारी करके एक विशेष समुदाय को अलग-थलग करने के साथ साथ नागरिकों के बीच भेदभाव और नफ़रत फैलाने का जानबूझकर प्रयास किया गया है।

मौलाना अरशद मदनी- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV मौलाना अरशद मदनी

नई दिल्ली: जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कांवड़ यात्रा के रूट पर धार्मिक पहचान स्पष्ट करने वाले आदेश पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे धर्म की आड़ में राजनीति के नए खेल की संज्ञा दी और कहा कि यह भेदभावपूर्ण और साम्प्रदायिक फैसला है। इस फैसले से देश विरोधी तत्वों को लाभ उठाने का अवसर मिलेगा और इस नए आदेश के कारण साम्प्रदायिक सौहार्द्र को गंभीर क्षति पहुंचने की आशंका है। इससे संविधान में दिए गए नागरिकों के मूल अधिकारों का उल्लंघन होता है। 

मौलाना मदनी ने बुलाई कानूनी टीम की मीटिंग

जमीयत उलमा-ए-हिंद ने रविवार को अपनी कानूनी टीम की एक बैठक बुलाई है जिसमें इस असंवैधानिक और अवैध आदेश के कानूनी पहलुओं पर चर्चा की जाएगी। मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि पहले मुजफ़्फ़र नगर प्रशासन की ओर से इस प्रकार का आदेश जारी हुआ। परन्तु अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का आधिकारिक आदेश सामने आ गया है।

मौलाना मदनी ने किया ये दावा

मौलाना मदनी ने कहा कि अब तक हमारे पास ऐसी सूचनाएं पहुंची हैं कि बहुत से ढाबों और होटलों के मैनेजर या मालिक जो मुसलमान थे कांवड़ यात्रा के दौरान उन्हें काम पर आने से मना कर दिया गया है। ज़ाहिर है कि सरकारी आदेश के उल्लंघन का साहस कौन कर सकता है। 

मौलाना मदनी ने दिया ये तर्क

मौलाना मदनी ने यह भी कहा कि देश के सभी नागरिकों को संविधान में इस बात की पूरी आजादी दी गई है कि वह जो चाहें पहनें, जो चाहें खाएं, उनकी व्यक्तिगत पसंद में कोई बाधा नहीं डालेगा, क्योंकि यह नागरिकों के मूल अधिकारों का मामला है। संविधान में स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि देश के किसी नागरिक के साथ उसके धर्म, रंग और जाति के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा और हर नागरिक के साथ समान व्यवहार किया जाएगा। मगर पिछले कुछ वर्षों से शासन-प्रशासन का जो व्यवहार सामने आया है, उसमें धर्म के आधार पर भेदभाव आम बात हो गई है, बल्कि अब ऐसा लगता है कि शासकों का आदेश ही संविधान है। 

मौलाना मदनी ने सरकार पर साधा निशाना

उन्होंने कहा कि यह कितनी दुखद बात है कि सरकार गठन के समय संविधान के नाम पर शपथ लिया जाता है। परन्तु शपथ लेने के बाद उसी संविधान को किनारे रख दिया जाता है। उन्होंने कहा कि हम सभी धर्मों का आदर करते हैं और दुनिया का कोई धर्म यह नहीं कहता कि आप दूसरे धर्म के मानने वालों से नफ़रत करें। यह कोई पहली कांवड़ यात्रा नहीं है, लम्बे समय से यह यात्रा निकलती आर ही है। परन्तु पहले कभी ऐसा नहीं हुआ कि किसी नागरिक को अपनी धार्मिक पहचान बताने के लिए विवश किया गया हो, बल्कि यात्रा के दौरान आम तौर पर देखा गया है कि मुसलमान जगह-जगह कांवड़ यात्रियों के लिए पानी और लंगर का आयोजन करते आए हैं। 

Latest India News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत

Advertisement
Advertisement
Advertisement