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'बच्चों का शोषण एक भयावह अपराध, इसके खिलाफ कार्रवाई जारी', सरकार के नोटिस के बाद मेटा ने लिखा ब्लॉग

 Published : Jul 07, 2026 11:10 pm IST,  Updated : Jul 08, 2026 12:03 am IST

मेटा ने सरकार की नोटिस को ध्यान में रखते हुए अपने ब्लॉग में सभी जवाब दिए हैं। मेटा ने कहा कि बच्चों से जुड़ी संदिग्ध गतिविधि वाले अकाउंट की जांच की गई। इसके बाद फेसबुक और इंस्टाग्राम से 40 लाख से अधिक संदिग्ध अकाउंट अपने-आप हटा दिए गए।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
सांकेतिक तस्वीर Image Source : AP

मेटा ने मंगलवार को कहा कि कंपनी ने अपने ऐप पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री से निपटने के लिए विज्ञापन समीक्षा प्रणाली, AI टूल और प्रवर्तन कार्रवाई जैसे कदम उठाए हैं। सरकार के नोटिस के बाद आईटी कंपनी ने एक ब्लॉग पर यह जानकारी दी। मालूम हो कि सरकार ने इंस्टाग्राम पर 'पेड' विज्ञापनों में बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़े वीडियो और अन्य सामग्रियों को लेकर मेटा को कड़े शब्दों में पिछले शनिवार को नोटिस जारी किया था। 

हम इन चिंताओं को लेते हैं गंभीरता से- मेटा

मेटा ने बच्चों के शोषण को एक भयावह अपराध बताते हुए कहा कि वह हर दिन अपने प्लेटफॉर्म पर और उसके बाहर भी इस तरह की चीजों से निपटने के लिए पूरे जोर-शोर से काम करती है। कंपनी ने कहा, 'हमें भारत में इंस्टाग्राम विज्ञापनों के बारे में हाल की रिपोर्ट की जानकारी है। उन विज्ञापनों में बच्चों के शोषण के खिलाफ हमारी नीति का उल्लंघन हुआ है। हम यह साफ करना चाहते हैं, हम इन चिंताओं को गंभीरता से लेते हैं। हम कभी नहीं चाहते कि ऐसी सामग्री हमारे मंच पर हो और हम इससे निपटने के अपने प्रयासों को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।'

पिछले साल 40 लाख से अधिक अकाउंट हटाए

मेटा ने कहा कि यह कहना सरासर गलत है कि वह जानबूझकर और सोच-समझकर ऐसे लोगों को बच्चों वाले विज्ञापन दिखाती है, जिनकी दिलचस्पी गलत हो सकती है। आईटी कंपनी ने कहा, 'इसके बिल्कुल उलट, हम ऐसी टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हैं जो बच्चों से जुड़ी संदिग्ध गतिविधि वाले अकाउंट की पहचान करती है। हमने पिछले साल ऐसे 40 लाख से अधिक अकाउंट को अपने-आप हटा दिया था।'

कैलिफोर्निया स्थित मेटा, फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सएप जैसे लोकप्रिय सोशल मीडिया मंचों का संचालन करती है। मेटा ने कहा कि इन मामलों के उसके ध्यान में आने से पहले ही, उसकी प्रवर्तन प्रणाली ने पॉलिसी का उल्लंघन करने वाले कई विज्ञापनों और उससे जुड़े अकाउंट की पहचान कर उन्हें बंद कर दिया था। 

हमने जांच में और भी कदम उठाए

कंपनी ने कहा, 'इसके बाद हमने जांच में और भी कदम उठाए हैं। इसमें विज्ञापन हटाना, खाते बंद करना और नीति का उल्लंघन करने वाली सामग्री से जुड़े यूआरएल को 'ब्लॉक' करना शामिल है।'

बच्चों के शोषण से जुड़ी 3.6 करोड़ सामग्री हटाई गईं

सोशल मीडिया कंपनी के अनुसार, दुनियाभर में सिर्फ पिछले साल ही, टेक्नोलॉजी में सुधार के कारण फेसबुक और इंस्टाग्राम से 40 लाख से अधिक संदिग्ध अकाउंट अपने-आप हटा दिए गए। इसके अलावा, बच्चों के शोषण से जुड़ी 3.6 करोड़ सामग्री भी हटाई गई। 

अत्याधुनिक AI टूल का इस्तेमाल

मेटा ने कहा, 'हमारे पास गलत विज्ञापन और सामग्रियों का पता लगाने के लिए अत्याधुनिक AI टूल है। ये टूल यह पहचानते हैं कि कब कोई व्यक्ति बच्चों के शोषण से जुड़ी गतिविधि का संकेत देने वाले संदिग्ध लिंक पोस्ट करता है। पिछले 6 महीनों में, इसके कारण भारत में 1,60,000 अकाउंट हटाए गए।'

सरकार ने मेटा को जारी किया था नोटिस

बता दें कि सरकार ने पिछले सप्ताह इंस्टाग्राम पर 'पेड' विज्ञापनों में बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़े वीडियो और अन्य सामग्रियों को लेकर मेटा को कड़े शब्दों में नोटिस जारी किया था। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इंस्टाग्राम को उन सभी विज्ञापनों और सामग्रियों को हटाने का आदेश दिया है जो बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार को बढ़ावा देते हैं या उन तक पहुंच आसान बनाते हैं। साथ ही 7 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा है। 

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