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नर्मदा परियोजना के विस्थापन और मुआवजे का दशकों पुराना विवाद खत्म, 4 राज्यों के बीच समझौता, मिलेगा पानी-बिजली का पूरा लाभ

 Reported By: Devendra Parashar Edited By: Niraj Kumar
 Published : Jul 07, 2026 09:31 pm IST,  Updated : Jul 07, 2026 09:36 pm IST

देश में सहकारी संघवाद और जल सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए नर्मदा नदी परियोजना से जुड़ा दशकों पुराना विस्थापन और मुआवजे का विवाद पूरी तरह सुलझ गया है।

Narmada project- India TV Hindi
नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक Image Source : REPORTER INPUT

नई दिल्ली: केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में नर्मदा नदी से लगे हुए 4 राज्यों मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के बीच नर्मदा परियोजना से जुड़े लम्बित मुद्दों पर समझौता हुआ। अमित शाह और केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल की उपस्थिति में नई दिल्ली में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस, गुजरात के मुख्यमंत्री  भूपेन्द्र पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। बैठक में केन्द्र एवं चारों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

दशकों पुराना विवाद सुलझा

नर्मदा नदी परियोजना में जल-प्लावित क्षेत्रों के लोगों के विस्थापन और ज़मीन के मुआवज़े से जुड़ा दशकों पुराना विवाद सुलझ गया है। इस समझौते के तहत लंबित देयों के अंतिम निपटान के रूप में किए जाने वाले भुगतानों को एकमुश्त निपटान (वन-टाइम सेटलमेंट) के रूप में हल किया गया है।

एक-दूसरे को समझने की क्षमता बढ़ी

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के नेतृत्व में जल सुरक्षा को मजबूत करने और जल क्षेत्र में सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने के लिए कई ऐतिहासिक पहल की गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अनेक राज्यों में डबल इंजन सरकार बनने का लाभ यह हुआ है कि हम में एक-दूसरे को समझने की क्षमता बढ़ी है, राजनीतिक मुद्दे कम हुए हैं और देश के अनेक विवाद अब तेजी से सुलझाए जा रहे हैं।

रचनात्मक सहयोग की सराहना

केन्द्रीय गृह मंत्री ने इस महत्वपूर्ण अंतर-राज्यीय परियोजना पर आम सहमति बनाने में मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र की सरकारों द्वारा दिए गए रचनात्मक सहयोग की सराहना की। अमित शाह ने कहा कि इस परियोजना से विशेषकर मध्य प्रदेश, गुजरात तथा राजस्थान को बहुत लाभ हुआ। बांध पूरा होने से इन राज्यों में हर जगह पानी और बिजली पहुंची। उन्होंने कहा कि राजस्थान को हुआ लाभ दिखने में छोटा लग सकता है, पर जिस भूमि तक नर्मदा का पानी पहुंचा है, वहां भूमि का मूल्य और किसान की किस्मत दोनों बदल गई है।

हरियाणा और राजस्थान का विवाद भी सुलझा

गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल के नेतृत्व में देश में चल रहे जल विवाद या जल वितरण से जुड़े विवाद एक-एक कर सुलझाए जा रहे हैं। पिछले दिनों हरियाणा और राजस्थान के बीच का जल विवाद सुलझाया गया। अमित शाह ने कहा कि चाहे किशाऊ बांध परियोजना का मुद्दा हो या राजस्थान, हरियाणा के बीच जल विवाद हो या आज का यह समझौता, ये सभी सहकारी संघवाद के स्वर्णिम उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि चाहे गुजरात हो, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा या महाराष्ट्र, पानी देश के लोगों, खासकर किसानों के ही काम आता है। अमित शाह  शाह ने कहा कि पानी का उपयोग चाहे देश के किसी भी हिस्से में हो उससे लाभान्वित होने वाला एक भारतीय ही होगा।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि किसी भी विवाद से होने वाले राष्ट्रीय नुकसान को ध्यान में रख कर उसे सुलझाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि पड़ोसी राज्य समृद्ध होता है, तो उसका लाभ अपने राज्य को भी मिलता है।

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