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5G Launched In India: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 अक्टूबर को 5G की देंगे सौगात, जानें क्या है इसके फायदे और नुकसान

 Published : Sep 30, 2022 04:10 pm IST,  Updated : Sep 30, 2022 11:50 pm IST

5G Launched In India: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक अक्टूबर, 2022 को भारत में बहुप्रतीक्षित 5जी सेवाओं की शुरुआत करेंगे। एक आधिकारिक बयान में शुक्रवार को यह जानकारी दी गई। बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री चुनिंदा शहरों में 5जी सेवाओं की शुरुआत करेंगे और अगले कुछ वर्षों में क्रमिक रूप से पूरे देश में इसका विस्तार किया जाएगा।

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5G Launched In India Image Source : AP

Highlights

  • वोडाफोन-आइडिया ने 18,786.25 करोड़ रुपये में स्पेक्ट्रम खरीदा है
  • डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएगा
  • एक परिवर्तनकारी शक्ति होने की क्षमता रखता है

5G Launched In India: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक अक्टूबर, 2022 को भारत में बहुप्रतीक्षित 5जी सेवाओं की शुरुआत करेंगे। एक आधिकारिक बयान में शुक्रवार को यह जानकारी दी गई। बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री चुनिंदा शहरों में 5जी सेवाओं की शुरुआत करेंगे और अगले कुछ वर्षों में क्रमिक रूप से पूरे देश में इसका विस्तार किया जाएगा। भारत पर 5जी का कुल आर्थिक प्रभाव 2035 तक 450 अरब अमेरिकी डॉलर तक होने का अनुमान है। 

डिजिटल इंडिया को आगे बढ़ाने में मिलेगी मदद 

पीएम मोदी 1-4 अक्टूबर 2022 तक नयी दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित होने वाले इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2022 के छठे संस्करण का भी उद्घाटन करेंगे।'' गौरतलब है कि 4जी की तुलना में 5जी नेटवर्क कई गुना तेज गति देता है। इसके आलाव बिना रुकवाट के संपर्क मुहैया कराता है। अरबों जुड़े डिवाइसों को वास्तविक समय में डेटा साझा करने में सक्षम बनाता है। वही आधिकारिक बयान में आगे बताया गया कि  ‘‘5G से नये आर्थिक अवसर और सामाजिक लाभ मिल सकते हैं, जिसके कारण यह भारतीय समाज के लिए एक परिवर्तनकारी शक्ति होने की क्षमता रखता है। यह देश की वृद्धि के लिए पारंपरिक बाधाओं को दूर करने में मदद करेगा, स्टार्टअप और व्यावसायिक उद्यमों द्वारा नवाचारों के साथ ही डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएगा।''

टेलीकॉम कंपनियों ने लगाई थी बोली 
देश की अबतक की सबसे बड़ी दूरसंचार स्पेक्ट्रम की नीलामी में रिकॉर्ड 1.5 लाख करोड़ रुपये की बोलियां प्राप्त हुई थीं। इसमें उद्योगपति मुकेश अंबानी की जियो ने 87,946.93 करोड़ रुपये की बोली के साथ बेचे गए सभी स्पेक्ट्रम का लगभग आधा हिस्सा हासिल किया है। भारत के सबसे धनी व्यक्ति गौतम अडाणी के समूह ने 400 मेगाहर्ट्ज के लिए 211.86 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी। इसका इस्तेमाल हालांकि, सार्वजनिक टेलीफोन सेवाओं के लिए नहीं किया जाता है। वहीं दूरसंचार क्षेत्र के दिग्गज सुनील भारती मित्तल की भारती एयरटेल ने 43,039.63 करोड़ रुपये की सफल बोली लगाई जबकि वोडाफोन-आइडिया ने 18,786.25 करोड़ रुपये में स्पेक्ट्रम खरीदा है।

5जी के क्या है फायदे 
दूरसंचार कंपनियों के जल्द से जल्द 5जी सेवा चालू करने की तैयारियों में जुटने से भारत आने वाले वक्त में बेहतर डेटा स्पीड और रुकावट मुक्त वीडियो के लिए तैयार हो रहा है। इन सेवाओं के आने के बाद लोगों को स्मार्ट एंबुलेंस से लेकर क्लाउड गेमिंग तक सब कुछ मिलेगा। यहां तक कि खरीदारी के दौरान ग्राहकों को एकदम नए तरह के अनुभव भी हो सकते हैं। पांचवीं पीढ़ी यानी 5जी दूरसंचार सेवाओं के जरिये कुछ ही सेकंड में मोबाइल और अन्य उपकरणों पर उच्च-गुणवत्ता वाले लंबी अवधि के वीडियो या फिल्म को डाउनलोड किया जा सकता है। यह एक वर्ग किलोमीटर में करीब एक लाख संचार उपकरणों को समर्थन करेगा। यह सेवा सुपरफास्ट स्पीड (4जी से लगभग 10 गुना तेज), संपर्क में होने वाली देरी में कटौती और अरबों संबद्ध उपकरणों को वास्तविक समय में डेटा साझा करने में सक्षम बनाती है। इसके जरिये 3डी होलोग्राम कॉलिंग, मेटावर्स अनुभव और शैक्षिक अनुप्रयोगों को नए सिरे से परिभाषित किया जा सकता है।

क्या हो सकते हैं 5जी से नुकसान 
5जी नेटवर्क की सीमा क्षेत्र काफी बड़ी नहीं होगी। यानी आसान भाषा में समझे तो इसका नेटवर्क ज्यादा दूरी तक नहीं जाएगा। इसके लिए टेलीकॉम कंपनियों को पहले के अपेक्षा में टावरों का निमार्ण अधिक करना पड़ेगा। जिसके कारण मानव जीवन पर ये टावरों के जाल खतरनाक साबित होंगे। आपको बता दें कि टावरों से रेडियशन रे निकलते हैं। पहले कम टावर थे तो कम निकला था। अब 5जी के लिए अधिक टावर लगाने पड़ेंगे तो रेडियशन के घनत्व का दायरा बढ़ेगा। एक रिपोर्टस के मुताबिक, दुनिया भर में 5जी नेटवर्क के यूजर्स 2.6 बिलियन हो जाएंगे और 2030 तक बढ़ के 5.8 बिलियन यूजर्स हो जाएंगे। अगर इन आकंड़ो को देखा जाए तो इसक मुताबिक हर साल 125 बिलियन से भी ज्यादा डिवाइस बनाए जाएंगे जिसमें 5जी प्रयोग किया जा सकें। ऐसा भविष्य में होता है तो 5जी नेटवर्क हमारे पर्यावरण के लिए सही नहीं होगा। 

इन देशों में सालभर पहले लॉन्च हुई 5G
इस साल भारत में 5जी लॉन्च होने के साथ ही उन देशों में शामिल हो जाएगा जहां पर पहले से 5जी चल रहा है। आपको बता दें  कि लगभग 50 देशों में 5जी चल रहा है। इनमें से कई ऐसे देश है जो सालभर पहले ही 5जी लॉन्च किया था। अमेरिका, कोरिया, जापान, यूके ने पिछले साल ही 5जी की सेवाएं पूरी तरह से अपने देश में लागू कर दी। अब तक इन देशों में 5जी से जुड़ा कोई भी केस सामने नहीं आया है कि जो मानव जीवन के लिए खतरा बना हो। हालांकि कई विशेषजों की टीम इस पर रिसर्च करने में जुटी हुई है। 

 

 

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