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Rajat Sharma's Blog | चीन को भारत का संदेश : आतंकवाद से मिलकर लड़ो

 Published : Jul 16, 2025 06:07 pm IST,  Updated : Jul 16, 2025 06:07 pm IST

चीन को इस बात का एहसास कराना जरूरी है कि भारत क्षेत्रीय महाशक्ति है और अगर शांति और विकास का रास्ता प्रशस्त करना है तो चीन को भारत के साथ मिलकर काम करना होगा।

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इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा। Image Source : INDIA TV

विदेश मंत्री एस. जयशंकर 5 साल बाद चीन गए। जयशंकर ने चीन के राष्ट्रपति शी जिंनपिंग से मुलाकात की। शी जिंनपिंग शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के विदेश मंत्रियों से मिलने पहुंचे थे। जयशंकर ने बैठक में सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर चीन और पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया।

जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद फैलाने वालों और उनके समर्थकों के ख़िलाफ़ दुनिया की राय एक होनी चाहिए, दहशतगर्दों का साथ देने वाले मुल्कों के खिलाफ सभी देशों को सख्त रूख अपनाना चाहिए, विदेश मंत्रियों की बैठक में जयशंकर ने पहलगाम के आतंकी हमले का मुद्दा उठाया। कहा कि, पहलगाम में आतंकी हमले के पीछे मुख्य मकसद कश्मीर में पर्यटन के कारोबार को नुकसान पहुंचाना और मजहबी लड़ाई को उकसाना था।

31 अगस्त और 1 सितम्बर को चीन के त्येनजिन में SCO शिखर बैठक होगी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी जा सकते हैं। विदेश मंत्रियों की बैठक में शी जिनपिंग ने कहा कि वो SCO शिखर सम्मेलन का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं क्योंकि इस सम्मेलन में SCO के सभी देश, दुनिया की शांति और विकास के लिए एक नया ख़ाका पेश करेंगे।

विदेश मंत्री जयशंकर ने चीन की धरती पर पहलगाम के आतंकी हमले का मुद्दा उठा कर चीन और पाकिस्तान दोनों को विनम्रता के साथ एक दृढ़ संदेश दिया। जयशंकर ने ऑपरेशन सिंदूर की बात करके भारत के इरादे भी जाहिर कर दिए।

ये सही है कि पाकिस्तान के पास 81 प्रतिशत जेट फाइटर्स, मिसाइल्स और अन्य हथियार चीन के दिए हुए हैं। ये भी सही है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन ने पाकिस्तान को real time intelligence सूचनाएं दी।

अब भारत का संदेश स्पष्ट है। भारत चीन से युद्ध नहीं चाहता। लेकिन जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देता रहेगा, उसके साथ कोई बातचीत नहीं होगी। चीन को इस बात का एहसास कराना जरूरी है कि भारत क्षेत्रीय महाशक्ति है और अगर शांति और विकास का रास्ता प्रशस्त करना है तो चीन को भारत के साथ मिलकर काम करना होगा।

बिहार में 1 करोड़ नौकरियां : चुनावी नारा तो नहीं?

बिहार में चुनाव से ठीक पहले नीतीश कुमार ने बड़ा दांव चला। राज्य मंत्रिमंडल ने अगले पांच साल में बिहार में एक करोड़ लोगों को रोजगार देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके लिए बाकायदा नीति बनेगी। नौकरी के अवसर तलाशने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जाएगा।

विपक्ष ने इसे नया चुनावी जुमला करार दिया। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा चुनाव सामने देखकर बीजेपी और JDU के लोग चांद तारे भी जनता को देने का वादा कर सकते हैं लेकिन अब बिहार के लोग इस तरह के वादों के चक्कर में नहीं फंसेंगे। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशान्त किशोर ने कहा कि नीतीश कुमार 20 साल से मुख्यमंत्री हैं, अब तक उन्हें रोजगार की याद क्यों नहीं आई, ये सवाल तो हर बिहारी पूछेगा।

एक करोड़ नौकरियों की घोषणा सुनकर लगता है कि नीतीश कुमार और बीजेपी की टीम चुनाव आते आते अपने विरोधियों के लिए कोई मुद्दा नहीं छोड़ेंगे। वो उन सारे मुद्दों को एक-एक करके निपटा रहे हैं जो तेजस्वी यादव ने पिछले कुछ महीनों में उठाए हैं। चाहे जीविका दीदियों (सेल्फ-हेल्प ग्रुप) को बैंक कर्ज में राहत देना हो, या फिर नौकरियों में बिहार की महिलाओं के लिए 35% आरक्षण का सवाल हो या फिर बिहार के नौजवानों के लिए नौकरी देने का वादा हो या वृद्धों, विधवाओं और दिव्यांगों को पेंशन की राशि 400 से 1100 रुपये बढ़ाने का काम हो।

ऐसा लगता है कि जबतक चुनाव आएगा तब तक तेजस्वी के पास कहने को कुछ खास नहीं बचेगा। वो सिर्फ यही कहते रहेंगे कि नीतीश कुमार अचेत हैं, सामने आकर ऐलान क्यों नहीं करते। लेकिन नीतीश कुमार के सामने इस समय बिहार में कानून और व्यवस्था सबसे बड़ी चुनौती है। और अगर उसमें सुधार नहीं हुआ तो किए-कराए पर पानी फिर जाएगा।

ओडिशा में बेटी का आत्मदाह : नेताओं के घड़ियाली आंसू

ओडिशा के बालेश्वर जिले में यौन उत्पीड़न से परेशान होकर आत्मदाह करने वाली बीस साल की छात्रा ज़िंदगी की जंग हार गई। भुवनेश्वर के एम्स में उसकी मौत हो गई। बालेश्वर के फकीर मोहन ऑटोनोमस कॉलेज में पढ़ने वाली ये छात्रा इंटीग्रेटेड B.Ed. कोर्स में दूसरे वर्ष की छात्रा थी। उसने अपने विभाग के अध्यक्ष समीर कुमार साहू के खिलाफ प्रिंसिपल से यौन उत्पीड़न की शिकायत की थी।

लेकिन प्रिंसिपल ने लैक्चरर के खिलाफ एक्शन लेने के बजाए छात्रा पर ही शिकायत वापस लेने के लिए दबाव डाला। इसके बाद इस छात्रा ने DM, SP से शिकायत की, स्थानीय सांसद से गुहार लगाई, शिक्षा मंत्री से फरियाद की, मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की लेकिन किसी ने शिकायत पर ध्यान नहीं दिया।

निराश होकर 12 जुलाई को छात्रा ने कालेज के गेट के पास खुद को आग लगा ली। उसका 90 परसेंट शरीर झुलस गया। पहले उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, बाद में भुवनेश्वर के एम्स में रेफर कर दिया गया।

पुलिस तब एक्शन में आई, आरोपी प्रोफेसर समीर कुमार साहू और कॉलेज के प्रिंसीपल दिलीप कुमार घोष को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस छात्रा को देखने एम्स पहुंची, उसके परिवार वालों से मिलीं थी लेकिन सोमवार रात 11 बजकर 46 मिनट पर इस लड़की की मौत हो गई। इसके बाद लोगों का गुस्सा भड़क उठा। बीजू जनता दल और कांग्रेस के समर्थकों ने छात्रा की मौत के लिए बीजेपी सरकार को जिम्मेदार ठहराया।

पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि छात्रा ने राज्य के शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री और एक केंद्रीय मंत्री से न्याय की गुहार लगाई थी, बालेश्वर के सांसद से खुद जाकर मिली, लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की। अगर किसी ने दखल दिया होता तो लड़की की जान बच सकती थी।

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने सोशल साइट X पर घटना की निंदा की। राहुल गांधी ने लिखा कि ओडिशा में इंसाफ़ के लिए लड़ती एक बेटी की मौत सीधे-सीधे BJP के सिस्टम द्वारा की गई हत्या है। उस बहादुर छात्रा ने यौन शोषण के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई लेकिन न्याय देने के बजाय,  BJP का सिस्टम आरोपियों को बचाता रहा और एक मासूम बेटी को खुद को आग लगाने पर मजबूर कर दिया।

प्रियंका गांधी ने लिखा- “प्रधानमंत्री जी, क्या अब देश की आधी आबादी को न्याय की कोई भी उम्मीद छोड़ देनी चाहिए?”

एक लड़की न्याय की गुहार करते करते थक जाए,  वह अपनी जान दे दे, उसके बाद भी सिस्टम न जागे तो इससे ज्यादा दुख की और क्या बात हो सकती है? लड़की इंसाफ की उम्मीद में कॉलेज के गेट पर धरने पर बैठी। उसके बाद उसने कॉलेज के गेट पर खुद को आग लगा ली।

उस वक्त न मुख्यमंत्री को लड़की की चीखें सुनाई दी,  न राहुल गांधी की हमदर्दी लड़की के लिए जागी, न नवीन बाबू के कानों पर जूं रेंगी, न महिला आयोग सक्रिय हुआ।

अब जब लड़की की मौत हो गई, तो सब आंसू बहाने लगे। अब UGC ने जांच कमेटी भी बना दी, मुख्यमंत्री भी आंसू बहाने लगे और प्रियंका गांधी को भी सदमा लग गया, नवीन बाबू भी जाग गए।

इससे क्या होगा?  जिस पिता ने, जिस मां ने अपनी बेटी खोई, क्या वो लौट आएगी?  इस मामले में जितने भी बयान आए, वो सिर्फ और सिर्फ सियासी ड्रामा है और जब तक ये ड्रामा चलता रहेगा, जब तक बेटियों की जिंदगी को सियासी मोहरा बनाया जाएगा, तब तक हमारी बहन बेटियां महफूज़ नहीं होंगी। (रजत शर्मा)

देखें: ‘आज की बात, रजत शर्मा के साथ’ 15 जुलाई, 2025 का पूरा एपिसोड

 

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