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तिरुपति-पकाला-कटपड़ी रेलवे लाइन के दोहरीकरण को मिली मंजूरी, 14 लाख लोगों को होगा फायदा

 Edited By: Avinash Rai @RaisahabUp61
 Published : Apr 09, 2025 09:30 pm IST,  Updated : Apr 09, 2025 09:30 pm IST

पीएम नरेंद्र मोदी की कैबिनेट समिति ने तिरुपति-पाकला-कटपडी रेलवे लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है। 1332 करोड़ रुपये की लागत से इस परियोजना का निर्माण किया जाएगा।

Tirupati Pakala Katpadi Doubling of railway line approved 14 lakh people will benefit- India TV Hindi
प्रतीकात्मक तस्वीर Image Source : FILE PHOTO

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में तिरुपति-पाकला-कटपडी एकल रेलवे लाइन खंड (104 किमी) के दोहरीकरण को स्‍वीकृति दे दी है, जिसकी कुल लागत लगभग 1332 करोड़ रुपये है। बढ़ी हुई लाइन क्षमता से गतिशीलता में सुधार होगा, जिससे भारतीय रेलवे की दक्षता और सेवा विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। मल्टी-ट्रैकिंग प्रस्ताव परिचालन को आसान बनाएगा और भीड़भाड़ को कम करेगा, जिससे भारतीय रेलवे के सबसे व्यस्ततम खंडों पर आवश्यक बुनियादी ढांचागत विकास होगा। 

पीएम मोदी के विजन के अनुरूप है परियोजना

यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए भारत के विजन के अनुरूप है, जो क्षेत्र में व्यापक विकास के जरिए क्षेत्र के लोगों को "आत्मनिर्भर" बनाएगा, जिससे उनके लिए रोजगार/स्वरोजगार के अवसर बेहतर होंगे। यह परियोजना मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के लिए पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का परिणाम है, जो एकीकृत योजना के जरिए संभव हुआ है और लोगों, वस्तुओं तथा सेवाओं की आवाजाही के लिए निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के तीन जिलों को कवर करने वाली यह परियोजना भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क को लगभग 113 किलोमीटर तक बढ़ाएगी।

400 गावों को इस परियोजना से होगा लाभ

तिरुमाला वेंकटेश्वर मंदिर तक कनेक्टिविटी के साथ-साथ परियोजना खंड अन्य प्रमुख स्थलों जैसे श्री कालहस्ती शिव मंदिर, कनिपकम विनायक मंदिर, चंद्रगिरी फोर्ट आदि तक भी रेल कनेक्टिविटी प्रदान करेगा, जो देश भर से तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को आकर्षित करता है। मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना करीब 400 गांवों और लगभग 14 लाख आबादी के लिए कनेक्टिविटी बढ़ाएगी। यह कोयला, कृषि वस्तुओं, सीमेंट और अन्य खनिजों आदि जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए एक आवश्यक मार्ग है। क्षमता वृद्धि कार्य के परिणामस्वरूप 4 एमटीपीए  (मिलियन टन प्रति वर्ष) की अतिरिक्त माल ढुलाई होगी। 

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