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तिरुमाला मंदिर में किसने चढ़ाया 2.5 किलो का सोना? 2.4 करोड़ रुपये है कीमत

 Reported By: T Raghavan Edited By: Malaika Imam
 Published : Jul 29, 2025 12:43 pm IST,  Updated : Jul 29, 2025 12:45 pm IST

श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर को 2.5 किलो के स्वर्ण शंख और चक्र दान किया गया है। तिरुमाला मंदिर दुनिया के सबसे धनी मंदिरों में से एक है, जिसे भक्तों द्वारा दिए गए दान और चढ़ावे के लिए जाना जाता है।

तिरुमाला मंदिर को स्वर्ण शंख और चक्र का दान - India TV Hindi
तिरुमाला मंदिर को स्वर्ण शंख और चक्र का दान Image Source : REPORTER INPUT

तमिलनाडु: चेन्नई स्थित सुदर्शन एंटरप्राइजेज ने श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर, तिरुमाला को लगभग 2.5 किलोग्राम वजनी और 2.4 करोड़ रुपये मूल्य के एक स्वर्ण शंख (शंखु) और एक स्वर्ण चक्र दान किया है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने मंगलवार सुबह तिरुमाला मंदिर के रंगनायकुला मंडपम में तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के अतिरिक्त कार्यकारी अधिकारी श्री सी. एच. वेंकैया चौधरी को शंख और चक्र सौंपे।

बता दें कि तिरुमाला मंदिर को श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर या तिरुपति बालाजी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यह आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के तिरुमाला पहाड़ी शहर में स्थित है। यह मंदिर भगवान वेंकटेश्वर को समर्पित है, जिन्हें भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है।

स्वर्ण शंख और स्वर्ण चक्र
Image Source : REPORT INPUTस्वर्ण शंख और स्वर्ण चक्र

दुनिया के सबसे धनी मंदिरों में से एक

तिरुमाला मंदिर दुनिया के सबसे धनी मंदिरों में से एक है, जिसे भक्तों द्वारा दिए गए दान और चढ़ावे के लिए जाना जाता है। यह मंदिर तिरुमाला की सात पहाड़ियों में से एक, वेंकटाद्रि पर स्थित है, जो आदिशेष के सात सिरों का प्रतिनिधित्व करती हैं। लाखों भक्त हर साल अपनी मनोकामनाएं पूरी करने और आशीर्वाद लेने के लिए यहां आते हैं।

बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं

मंदिर की उत्पत्ति 300 ईस्वी के आस-पास की मानी जाती है, जो इसे भारत के सबसे पुराने मंदिरों में से एक बनाती है। पल्लव, चोल और विजयनगर जैसे दक्षिण भारतीय राजवंशों ने समय-समय पर मंदिर के निर्माण और विस्तार में महत्वपूर्ण योगदान दिया। विजयनगर साम्राज्य के सम्राट कृष्णदेवराय ने मंदिर को हीरे और सोने का भारी दान दिया, जिससे आनंद निलयम (गर्भगृह) की छत को सोने से मढ़वाया गया। 1933 में, तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ट्रस्ट की स्थापना की गई, जो वर्तमान में मंदिर का प्रबंधन करता है। तिरुमाला मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।

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