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बिहार में BDO ने जारी किया NRC संबंधी पत्र, बाद में किया रद्द, राजनीति तेज

 Reported By: IANS
 Published : Jan 31, 2020 09:51 pm IST,  Updated : Jan 31, 2020 09:51 pm IST

राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लेकर एक ओर जहां पूरे देश में हंगामा मचा हुआ है, वहीं बिहार में अब एक पत्र को लेकर राजनीतिक तेज हो गई है।

तेजस्वी प्रसाद यादव...- India TV Hindi
तेजस्वी प्रसाद यादव ने इस पत्र को ट्वीट किया है

पटना: राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लेकर एक ओर जहां पूरे देश में हंगामा मचा हुआ है, वहीं बिहार में अब एक पत्र को लेकर राजनीतिक तेज हो गई है। पटना जिले के मोकामा के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) ने 'एनआरसी' को लेकर एक पत्र ही जारी कर दिया। बाद में हालांकि पत्र को रद्द कर दिया गया। इस पुराने पत्र के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विपक्ष अब नीतीश सरकार पर निशाना साध रहा है। पटना के मोकामा प्रखंड के बीडीओ सतीश कुमार ने अपने प्रखंड के तीन स्कूलों के प्राचार्य के नाम से पत्र लिखा है। वास्तव में यह पत्र 'रिमांडर पत्र' के तौर पर जारी किया गया है, जिसमें बीडीओ ने एनआरसी के काम के लिए हर स्कूल से दो-दो शिक्षकों के नाम मांगे हैं। यह पत्र 28 जनवरी को जारी हुआ है।

गांधी उच्च विद्यालय, रामपुर (डुमरा), उच्च विद्यालय, मरांची और भगवती उच्च विद्यालय, मोर के प्राचार्य को पुनर्प्रेषित पत्र में दो-दो शिक्षकों के नाम मांगे गए हैं। कहा गया है, "इसके पहले 18 जनवरी को पत्र भेजा गया था। लेकिन 10 दिनों के बाद भी इस पर संज्ञान नहीं लिया गया। एनआरसी के लिए शिक्षकों का नाम नहीं भेजने वाले स्कूलों के प्राचार्य किसी खास राजनीतिक दल से प्रेरित होकर उसका विरोध करते दिख रहे हैं।"

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस पत्र में तीनों प्राचार्यो को चेतावनी दी गई है कि वे 24 घंटे के अंदर शिक्षकों के नाम भेजें, अन्यथा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इधर, मोकामा के बीडीओ से इस पत्र के संबंध में जब बात की गई, तब उन्होंने स्पष्ट कहा कि इसके लिए पत्र ड्राफ्ट करने वाले कर्मचारी से स्पष्टीकरण पूछा गया है। उन्होंने इस पत्र को मानवीय भूल मानते हुए कहा कि पत्र में गलती के संज्ञान में आने के तत्काल बाद ही उसे निरस्त कर नया पत्र जारी किया गया है।

इधर, इस पत्र को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने इस पत्र को ट्वीट करते हुए लिखा, "एनआरसी, एनपीआर पर पकड़ा गया नीतीश कुमार जी का सफेद झूठ। बिहार में शुरू हो चुका है एनआरसी, एनपीआर का काम। अधिकारी की चिट्ठी ने खोला राज। अभी एनपीआर का कार्य किसी भी प्रदेश में शुरू नहीं हुआ है, लेकिन बिहार में एनआरसी की प्रक्रिया नीतीश जी ने शुरू कर दी। अब आपको तय करना है कि असली संघी कौन है।"

पूर्व केंद्रीय मंत्री और रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने भी इस पत्र के जरिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशना साधा है। उन्होंने ट्वीट किया, "नीतीश जी, आप तो भाजपा से भी आगे निकल गए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी कहते हैं एनआरसी पर अभी चर्चा ही नहीं हुई है और आप आदेश जारी करवा दिए। ऊपर से प्राचार्यो पर राजनैतिक दल से मिलीभगत का आरोप। आप झूठे व पलटू हैं, फिर से साबित हुआ! कुर्सी खातिर कुछ भी करेंगे, वाह!"

इधर, भाजपा प्रवक्ता निखिल आनंद ने तेजस्वी पर पलटवार करते हुए कहा, "उपमुख्यमंत्री के ओहदे पर रह चुके तेजस्वी प्रसाद का राजनीतिक हलकापन देखिए। सरकारी अधिकारी के स्तर पर प्रिंटिंग एरर को सुधारा जा चुका है। एनपीआर की जगह एनआरसी प्रिंट होते ही आपको प्रोपोगंडा का अवसर और आपकी सतही राजनीति को खाद मिल जाता है। लोकतंत्र में भयदोहन कोई राजद से सीखे।"

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