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दबाव में आया कांग्रेस आलाकमान, सुरजेवाला ने कहा-जल्‍द बुलाई जाएगी CWC की बैठक

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Sep 30, 2021 09:46 pm IST,  Updated : Sep 30, 2021 09:46 pm IST

सिब्बल ने भी पार्टी की पंजाब इकाई में मचे घमासान और कांग्रेस की मौजूदा स्थिति को लेकर बुधवार को पार्टी नेतृत्व पर सवाल खड़े किए थे और कहा था कि सीडब्ल्यूसी की बैठक बुलाकर इस स्थिति पर चर्चा होनी चाहिए तथा संगठनात्मक चुनाव कराये जाने चाहिए। 

CWC meeting will be convened very soon: Surjewala a day after Azad, Sibal demanded it- India TV Hindi
चौतरफा हमले से कांग्रेस आलाकमान लगता है कि दबाव में आ गया है।  Image Source : PTI

नयी दिल्ली: चौतरफा हमले से कांग्रेस आलाकमान लगता है कि दबाव में आ गया है। उसने कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक जल्द बुलाने का ऐलान किया है। बता दें कि एक दिन पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं गुलाम नबी आजाद और कपिल सिब्बल ने सीडब्ल्यूसी की तत्काल बैठक बुलाने की मांग की थी। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पिछले सप्ताह संकेत दिया था कि सीडब्ल्यूसी की बैठक बहुत जल्द बुलाई जाएगी। सीडब्ल्यूसी कांग्रेस की निर्णय लेने वाली सर्वोच्च इकाई है।

रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘‘शिमला जाने से पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने संकेत दिया था कि सीडब्ल्यूसी की बैठक जल्द बुलाई जाएगी। इसी के मुताबिक, आने वाले दिनों में सीडब्ल्यूसी की बैठक होगी।’’ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि पार्टी से जुड़े मामलों पर चर्चा के लिए सीडब्ल्यूसी की तत्काल बैठक बुलाई जाए। 

सूत्रों के अनुसार, राज्यसभा में पूर्व नेता प्रतिपक्ष आजाद ने पत्र में कहा है कि पार्टी से कई नेताओं के अलग होने के मद्देनजर आंतरिक रूप से चर्चा की जाए। सिब्बल ने भी पार्टी की पंजाब इकाई में मचे घमासान और कांग्रेस की मौजूदा स्थिति को लेकर बुधवार को पार्टी नेतृत्व पर सवाल खड़े किए थे और कहा था कि सीडब्ल्यूसी की बैठक बुलाकर इस स्थिति पर चर्चा होनी चाहिए तथा संगठनात्मक चुनाव कराये जाने चाहिए। 

सिब्‍बल के इस बयान के बाद कांग्रेसियों ने ही उन पर तीखा हमला किया था। उनके घर के सामने विरोध प्रदर्शन हुआ था। टमाटर तक फेंके गए और 'गेट वेल सून कपिल सिब्‍बल' की तख्तियां दिखाई गईं जिसके बाद सिब्‍बल के पक्ष में 23 प्रमुख नेताओं के समूह (जी-23) के तमाम दिग्‍गज नेता उतर आए। उन्‍होंने खुलकर सिब्‍बल का पक्ष लिया। इनमें शशि थरूर, आनंद शर्मा, मनीष तिवारी जैसे नेता शामिल थे।

आजाद और सिब्बल उन 23 प्रमुख नेताओं के समूह (जी-23) में शामिल हैं जिन्होंने पिछले वर्ष कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कांग्रेस में संगठन चुनाव करवाने की मांग की थी। इस समूह के एक नेता जितिन प्रसाद अब बीजेपी में शामिल हो चुके हैं।

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