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मोदी के मंत्री ने की इंदिरा की तारीफ, कहा-बिना आरक्षण के खुद को साबित किया

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jan 08, 2019 08:27 am IST,  Updated : Jan 08, 2019 08:27 am IST

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि वह महिला आरक्षण के विरोधी नहीं हैं लेकिन धर्म एवं जाति आधारित राजनीति के खिलाफ हैं। गडकरी ने ये टिप्पणियां रविवार को महिला स्वयं सहायता समूहों के एक प्रदर्शनी कार्यक्रम के उद्घाटन के मौके पर की।

मोदी के मंत्री ने की इंदिरा की तारीफ, कहा-बिना आरक्षण के खुद को साबित किया- India TV Hindi
मोदी के मंत्री ने की इंदिरा की तारीफ, कहा-बिना आरक्षण के खुद को साबित किया

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तारीफ करके फंस गए हैं। कांग्रेस तो खुश है लेकिन भाजपा के नेता नाराज हो गए हैं। दरअसल उन्होंने इंदिरा गांधी की तारीफ करते हुए कहा कि इंदिरा गांधी ऐसी नेता थी जो कई ताकतवर पुरुष नेताओं को परास्त करके आगे आई थी। उन्हें अपनी क्षमता साबित करने के लिए किसी तरह के आरक्षण की जरूरत नहीं पड़ी और उन्होंने कांग्रेस के अपने समय के पुरुष नेताओं से बेहतर काम किया।

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भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि वह महिला आरक्षण के विरोधी नहीं हैं लेकिन धर्म एवं जाति आधारित राजनीति के खिलाफ हैं। गडकरी ने ये टिप्पणियां रविवार को महिला स्वयं सहायता समूहों के एक प्रदर्शनी कार्यक्रम के उद्घाटन के मौके पर की। भाजपा देश में आपातकाल लगाने के लिए इंदिरा गांधी की आलोचना करती रही है।

गडकरी ने कहा, “इंदिरा गांधी ने अपनी पार्टी में अन्य सम्मानित पुरुष नेताओं के बीच अपनी क्षमता साबित की। क्या ऐसा आरक्षण की वजह से हुआ।” उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महिला नेता- केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि इन सभी ने राजनीति में अच्छा किया है।

उन्होंने कहा, “मैं महिलाओं के आरक्षण के खिलाफ नहीं हूं। महिलाओं को आरक्षण मिलना चाहिए। मैं इसके विरोध में नहीं हूं।” गडकरी ने कहा कि वह धर्म एवं जाति आधारित राजनीति के खिलाफ हैं। एक व्यक्ति अपने ज्ञान के आधार पर आगे बढ़ता है न कि भाषा, जाति, धर्म या क्षेत्र के कारण।

उन्होंने कहा, “कोई भी अपने ज्ञान के आधार पर प्रगति करता है। क्या हम साईबाबा, गजानन महाराज या संत तुकोदजी महाराज के धर्म के बारे में पूछते हैं? क्या हमने कभी छत्रपति शिवाजी महाराज, डॉ बाबासाहेब आंबेडकर या ज्योतिबा फूले की जाति के बारे में पूछा है? मैं जाति एवं धर्म के आधार पर राजनीति के विरुद्ध हूं।”

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