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आंदोलन के नाम पर सपा और कांग्रेस लखीमपुर में राजनीति कर रहे है: अमित मालवीय

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Oct 04, 2021 05:25 pm IST,  Updated : Oct 04, 2021 05:25 pm IST

बता दें कि लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत के मामले को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है। सोमवार को मौके पर जाने की कोशिश करने वाले सभी प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं को रोक दिया गया अथवा हिरासत में ले लिया गया। 

SP and Congress are doing politics in Lakhimpur: Amit Malviya- India TV Hindi
लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में समाजवादी पार्टी (सपा) का कनेक्शन सामने आया है। Image Source : @AMITMALVIYA

नई दिल्ली: लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में समाजवादी पार्टी (सपा) का कनेक्शन सामने आया है। बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, तजिंदर विर्क पूरी घटना का मास्टरमाइंड है जो कि रूद्रपुर का रहने वाला है और समाजवादी पार्टी का नेता है। अखिलेश यादव का बेहद करीबी है। इसी ने रविवार को पूरा उपद्रव कराया और खुद भी एक गाड़ी की चपेट में आने के बाद अस्पताल में भर्ती है। बीजेपी नेता और पार्टी के आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने ट्वीट कर कहा कि आंदोलन के नाम पर समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस लखीमपुर में राजनीति कर रहे है।

अमित मालवीय ने ट्वीट किया, "लखीमपुर में मारे जाने वाले शुभम मिश्रा के परिवार ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में तेजिंदर सिंह विर्क का नाम लिया है, जिसका लिंक समाजवादी पार्टी से है और जिसको अखिलेश यादव किसान नेता बता रहे थे। आंदोलन के नाम पर सपा और कांग्रेस लखीमपुर में राजनीति कर रहे है।"

बता दें कि लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत के मामले को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है। सोमवार को मौके पर जाने की कोशिश करने वाले सभी प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं को रोक दिया गया अथवा हिरासत में ले लिया गया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को लखनऊ से लखीमपुर जाने से रोक दिया गया, जिसके बाद अखिलेश सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। बाद में उन्हें तथा पार्टी के मुख्य महासचिव रामगोपाल यादव को हिरासत में ले लिया गया। 

इसके अलावा लखीमपुर खीरी जाने की कोशिश करने पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के मुखिया शिवपाल सिंह यादव को हिरासत में ले लिया गया जबकि राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी और आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह को रास्ते में अलग-अलग स्थानों पर रोक लिया गया। बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र को भी लखीमपुर जाने से रोका गया। 

मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सड़क पर धरना प्रदर्शन के दौरान आरोप लगाते हुए कहा, "किसानों पर इतना अन्याय इतना जुल्म अंग्रेजों ने भी नहीं किया जितना भाजपा की सरकार कर रही है। सरकार विपक्ष के किसी भी नेता को लखीमपुर खीरी क्यों नहीं जाने देना चाहती। सरकार आखिर क्या छुपाना चाहती है। यह सरकार इस बात से घबराती है कि जनता कहीं सच्चाई न जान जाए।" 

वहीं राज्य सरकार ने कहा है कि “विपक्षी दलों का 2022 के विधानसभा चुनाव का सफर लाशों पर नहीं हो सकता”। किसी को भी माहौल बिगाड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी। लखीमपुर खीरी कांड पीड़ितों से मिलने जा रहे समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को हिरासत में लिये जाने के विरोध में गौतमबुद्ध नगर के जिल कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करने जा रहे सपा के अनेक नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

वहीं, लखीमपुर खीरी में हिंसा में किसानों की मौत के बाद उप्र शासन के अधिकारियों और किसानों के बीच समझौता हो गया है और उनकी सभी मांगे मान ली गयी हैं। अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी ने सोमवार को बताया, “किसानों के बीच समझौते के तहत लखीमपुर में मारे गये चार किसान परिवारों को 45-45 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा परिवार के एक सदस्य को स्थानीय स्तर पर सरकारी नौकरी भी दी जाएगी। जबकि घायलों को बेहतर इलाज के लिये 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। 

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