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race to leave the Congress party: गुलाम नबी के बाद क्या मनीष तिवारी और आनंद शर्मा भी छोड़ने जा रहे कांग्रेस, आखिर क्यों लग रहीं अटकलें

 Written By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Aug 27, 2022 06:40 pm IST,  Updated : Aug 27, 2022 06:40 pm IST

race to leave the Congress party: कांग्रेस पार्टी का ताउम्र हाथ पकड़कर चलने वाले एक के बाद एक वरिष्ठ नेता लगातार पार्टी को अलविदा कह रहे हैं। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से नाराज जी-23 नेताओं में अब एक के बाद एक में पार्टी को छोड़ने की होड़ लगी है।

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manish tewari Image Source : PTI

Highlights

  • कई और वरिष्ठ नेता छोड़ सकते हैं कांग्रेस
  • जी-23 समूह के नाराज कांग्रेसी दिग्गज लगातार छोड़ रहे पार्टी
  • कांग्रेस आलाकमान की मंडली संस्कृति का आरोप

race to leave the Congress party: कांग्रेस पार्टी का ताउम्र हाथ पकड़कर चलने वाले एक के बाद एक वरिष्ठ नेता लगातार पार्टी को अलविदा कह रहे हैं। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से नाराज जी-23 नेताओं में अब एक के बाद एक में पार्टी को छोड़ने की होड़ लगी है। कांग्रेस के दिग्गजों में कपिल सिब्बल और गुलाम नबी आजाद के बाद अब लोगों की निगाहें जी-23 के अन्य वरिष्ठ नेताओं और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी और आनंद शर्मा पर टिक गई हैं। क्या ये दोनों दिग्गज कांग्रेसी भी पार्टी को जल्द अलविदा कहने वाले हैं। आखिर क्या वजह है जो इन दोनों नेताओं को लेकर ऐसी अटकलों का बाजार गर्म है। अभी एक दिन पहले ही वरिष्ठ नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस को अलविदा कह दिया है। उसके बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधा है। 

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि कांग्रेस में इन दिनों मंडली संस्कृति चल रही है। हालत यह है कि कांग्रेस नेताओं के चपरासी उन लोगों को उपदेश दे रहे हैं जिन्होंने पार्टी में दशकों का समय बिताया है। उन्होंने कहा कि यदि वर्ष 2020 में कांग्रेस ने जी-23 समूह के नेताओं के सुझावों को लागू किया होता तो पार्टी की ऐसी दुर्गति नहीं होती। इससे पहले पार्टी छोड़ने के दौरान गुलाम नबी आजाद ने भी पार्टी में चाटुकारिता और चापलूसी वाली संस्कृति हावी होने को लेकर सवाल उठाए थे।  मनीष तिवारी ने कहा कि कांग्रेस सभी चुनाव हार रही है। इससे यह स्पष्ट है कि पार्टी देश के लोगों के साथ तालमेल नहीं बैठा पा रही है। 

वह यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं को अब ऐसे लोग उपदेश दे रहे हैं जो एक भी चुनाव नहीं जीत सकते। ऐसा इसलिए हो रहा है कि उनपर कोई लगाम नहीं है। उनके उपदेशों पर ही पार्टी चलाई जा रही है। इससे दुर्दशा होनी तय है। लगातार हार के बावजूद अपनी कमियों को नहीं ढूंढ़ पाना पार्टी के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। जबतक वरिष्ठ नेताओं के साथ और देश की जनता के साथ पार्टी तालमेल नहीं करती तब तक यह स्थिति बनी रहेगी। 

मनीष तिवारी के तेवर से परेशान कांग्रेस
दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी के बगावती तेवर से कांग्रेस परेशान है। अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह भी जल्द ही पार्टी को अलविदा कह सकते हैं। क्योंकि ऐसा पहली बार नहीं है, जब मनीष तिवारी ने पार्टी के नेताओं से अपनी नाराजगी जाहिर की हो। इससे पहले भी वह कई बार आलाकमान पर सवाल उठा चुके हैं। इस वजह से कयास लगाए जा रहे हैं कि हालात नहीं सुधरे तो जल्द ही मनीष तिवारी भी पार्टी से इस्तीफा दे सकते हैं। 

राहुल गांधी पर बिफरे गुलाम नबी
वहीं एक दिन पहले दिए इस्तीफे में पूर्व कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने पार्टी की इस हालत के लिए पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को जिम्मेदार बताया था। उन्होंने यह भी कहा था कि राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए पार्टी की ओर से प्राक्सी को खड़ा किया गया। जबकि सभी को पता था कि वह कठपुतली बनकर रह जाएंगे। बावजूद ऐसे-ऐसे निर्णय लिए जाते रहे, जिससे पार्टी कभी उबर नहीं पा रही है। वरिष्ठ नेताओं के सुझावों को नहीं माना जा रहा है। 

आनंद शर्मा को लेकर भी अटकलें तेज
मनीष तिवारी के साथ ही साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा को लेकर भी अटकलें तेज हो गई हैं। वह भी जी-23 के नाराज नेताओं के प्रमुख समूह में रहे हैं। कई बार राहुल गांधी समेत आलाकमान पर सवाल उठा चुके हैं। लंबे समय से उनके पार्टी छोड़ने की चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि वह कई बार इन अटकलों को खारिज कर चुके हैं। मगर सूत्र बताते हैं कि वह अंदर ही अंदर पार्टी के मौजूदा कल्चर से बहुत नाराज चल रहे हैं। इसलिए जल्द ही कांग्रेस को अलविदा कह सकते हैं। आनंद शर्मा के कांग्रेस छोड़ने की अटकलें उस वक्त और तेज हो गईं। जब शनिवार को वह कांग्रेस पार्टी को अलविदा कहने वाले गुलाम नबी आजाद से मिलने पहुंच गए। 

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