1. Hindi News
  2. भारत
  3. राजनीति
  4. Assam Election Ground Report: सर्बानंद सोनोवाल के साथ पूरा दिन, जनसभाएं, चाय बागान और जनता का मूड

Assam Election Ground Report: सर्बानंद सोनोवाल के साथ पूरा दिन, जनसभाएं, चाय बागान और जनता का मूड

 Written By: Deepak Kumar
 Published : Apr 07, 2026 07:01 pm IST,  Updated : Apr 07, 2026 07:03 pm IST

असम में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल काफी तेज हो गई है। भाजपा नेता और पूर्व सीएम सर्बानंद सोनोवाल भी लगातार जनसभाओं और रैलियों के जरिए माहौल बनाने में लगे हैं। चुनावी माहौल पर एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि प्रचार काफी अच्छा चल रहा है और जनता का समर्थन मिल रहा है।

असम में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने चुनावी मैदान में पूरी ताकत झोंक दी है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के साथ-साथ पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल भी लगातार जनसभाओं और रैलियों के जरिए माहौल बनाने में जुटे हुए हैं। इंडिया टीवी ने इस चुनावी हलचल को करीब से समझने के लिए सर्बानंद सोनोवाल के साथ पूरा दिन बिताया। इस दौरान चुनावी रणनीति, जनसभाओं की तस्वीर और जनता के मूड को जानने की कोशिश की गई। 

चुनावी माहौल को लेकर पूर्व सीएम सर्बानंद सोनोवाल ने भरोसे के साथ कहा कि चुनाव प्रचार काफी अच्छा चल रहा है और जनता का समर्थन मिल रहा है। हल्की-फुल्की बातचीत में जब हमने उनके नाश्ते के बारे में पूछा, तो उन्होंने बताया कि वह सादा, उबला हुआ भोजन (बॉयल्ड फूड) लेते हैं। 

टिंगखोंग में पहली जनसभा, दिखी भारी भीड़

दिन की पहली जनसभा टिंगखोंग में आयोजित थी। यहां असम सरकार के मंत्री बिस्वजीत बोरा के समर्थन में रैली रखी गई थी। सोनोवाल के पहुंचते ही जनसभा स्थल पर उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोग वहां मौजूद थे और चुनावी माहौल पूरी तरह गर्म नजर आया। जोशीले भाषणों के बीच जमकर भारत माता की जय के नारे लगे। 

जनता का मूड: समर्थन के साथ संतुलित सोच

जनसभाओं के बीच हमने स्थानीय लोगों से बातचीत की और यह जानने की कोशिश की कि इस बार चुनाव में किसका पलड़ा भारी है। ज्यादातर लोगों ने माना कि राज्य में विकास के काम हुए हैं और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के कामकाज को सकारात्मक रूप से देखा जा रहा है। हालांकि, कुछ लोगों ने यह भी कहा कि आक्रामक बयानबाजी से बचना चाहिए और मुद्दों पर आधारित राजनीति होनी चाहिए। 

घुसपैठ का मुद्दा और जनता की राय

असम में बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा हमेशा से अहम रहा है। जब लोगों से इस मद्दे पर सवाल किया गया, तो अधिकतर लोगों ने माना कि राज्य की जनसंख्या संरचना (डेमोग्राफी) को प्रभावित करने की कोशिशें हुई हैं। वहीं, सोनोवाल ने भी कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राज्य को कई बड़ी सौगातें मिली हैं और विकास के काम तेज हुए हैं। 

चाय बागान में खास अनुभव

इस दौरान डिब्रूगढ़ के मशहूर चाय बागानों में भी सर्बानंद सोनोवाल के साथ पहुंचे। यहां चाय उत्पादन की प्रक्रिया को समझने का मौका मिला और यह जाना कि चाय की कितनी अलग-अलग किस्में होती हैं। 

एक दिन में 8 जनसभाएं, दिखा चुनावी दम 

पूरे दिन में सर्बानंद सोनोवाल के साथ कुल 8 जनसभाएं कवर की गईं, जिसमें हर जगह भारी भीड़ देखने को मिली और भाजपा व उसके सहयोगी दलों की रैलियों में जनसैलाब उमड़ता नजर आया। पूर्व मुख्यमंत्री सोनवाल से जब सवाल किया गया कि असम में बीजेपी कितनी सीटें जीत सकती है? तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि बीजेपी अपने सहयोगी दलों के साथ 100 के आस-पास सीटें जीतेगी।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Politics से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत