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कर्नाटक विधानसभा से बीजेपी के 18 विधायक 6 महीने के लिए निलंबित, जानिए क्या है पूरा मामला?

 Reported By: T Raghavan, Edited By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Mar 21, 2025 05:13 pm IST,  Updated : Mar 21, 2025 06:58 pm IST

कर्नाटक विधानसभा में शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। विधानसभा से 18 बीजेपी के विधायकों को निलंबित कर दिया गया। बीजेपी के इन विधायकों का निलंबन 6 महीने के लिए हुआ है।

कर्नाटक विधानसभा- India TV Hindi
कर्नाटक विधानसभा Image Source : FILE PHOTO PTI

कर्नाटक विधानसभा से बीजेपी के 18 विधायकों को निलंबित कर दिया गया है। विधानसभा अध्यक्ष यूटी खादर ने शुक्रवार को 'हनी ट्रैप' मामलों के मुद्दे पर हंगामा करने और सदन की कार्यवाही बाधित करने के लिए बीजेपी के 18 विधायकों को विधानसभा से 6 महीने के लिए निलंबित किया है। 

हनी ट्रैप मामले की जांच हाईकोर्ट के जज से कराने की मांग

विपक्षी नेताओं ने कर्नाटक सरकार के एक मंत्री और अन्य राजनेताओं से जुड़े कथित 'हनी-ट्रैप' मामले की न्यायिक जांच हाई कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश से कराने की मांग की थी। शुक्रवार को बीजेपी विधायकों ने सदन के वेल के सामने आकर कागज फाड़कर हंगामा खड़ा कर दिया।

मंत्री एचके पाटिल ने पेश किया विधेयक

वहीं, आज विधानसभा की कार्यवाही में बाधा डालने के लिए 18 बीजेपी विधायकों को छह महीने के लिए निलंबित करने का विधेयक पारित किया गया है। विधेयक को कर्नाटक के कानून और संसदीय मामलों के मंत्री एचके पाटिल ने पेश किया। 

क्या है कर्नाटक का 'हनी ट्रैप' मामला?

कर्नाटक में हाल ही में एक हाई-प्रोफाइल हनी ट्रैप मामला सुर्खियों में आया है, जिसने राज्य की सियासत को हिलाकर रख दिया है। यह मामला तब सामने आया जब कर्नाटक के सहकारिता मंत्री के.एन. राजन्ना ने विधानसभा में खुलासा किया कि न केवल वह खुद हनी ट्रैप का शिकार होने से बचे, बल्कि राज्य के 48 अन्य नेताओं, विधायकों और यहां तक कि केंद्रीय नेताओं के भी इस तरह के जाल में फंसने की बात सामने आई है। इस दावे ने सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्षी बीजेपी दोनों को एक बड़े विवाद में उलझा दिया है।

सदन में बीजेपी विधायक ने उठाया था मामले को

20 मार्च 2025 को कर्नाटक विधानसभा में बजट सत्र के दौरान बीजेपी विधायक बसनगौड़ा पाटिल यत्नाल ने सबसे पहले इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में हनी ट्रैप की घटनाएं बढ़ रही हैं।सहकारिता मंत्री राजन्ना को भी निशाना बनाया गया। इसके जवाब में राजन्ना ने स्वीकार किया कि उनके खिलाफ हनी ट्रैप की कोशिश हुई थी और यह समस्या केवल उन तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, 'कर्नाटक पेन ड्राइव और सीडी का कारखाना बन गया है। मेरे पास जानकारी है कि 48 लोग, जिनमें विधायक, केंद्रीय नेता और यहां तक कि जज भी शामिल हैं, इस जाल में फंस चुके हैं।'

हनी ट्रैप में फंसाने की कोशिश हुई- मंत्री जारकीहोली

इसके बाद राज्य के लोक निर्माण विभाग मंत्री सतीश जारकीहोली ने भी मामले की गंभीरता को स्वीकार किया। उन्होंने कहा, 'यह सच है कि एक मंत्री को हनी ट्रैप में फंसाने की कोशिश हुई थी। यह दो बार हुआ। हालांकि, दोनों बार यह प्रयास असफल रहा। कर्नाटक में हनी ट्रैप कोई नई बात नहीं है, यह पिछले 20 सालों से चल रहा है। कुछ लोग इसे राजनीति में निवेश के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।' जारकीहोली ने यह भी सुझाव दिया कि संबंधित मंत्री को पुलिस में शिकायत दर्ज करानी चाहिए ताकि इसके पीछे के लोगों का पता लगाया जा सके।

 

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