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संजय निषाद का बड़ा बयान, "जिन्हें रंग से परहेज है, वे देश छोड़कर चले जाएं"

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : Mar 13, 2025 08:55 am IST,  Updated : Mar 13, 2025 12:08 pm IST

होली के मौके पर संजय निषाद ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को होली के रंगों से परेशानी है, वे वे देश छोड़कर चले जाएं।

निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद- India TV Hindi
निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद

उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने होली के मौके पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को होली के रंगों से परेशानी है, वे वे देश छोड़कर चले जाएं। संजय निषाद ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी निषाद समुदाय को एकजुट करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है और बीजेपी में रहते हुए भी निषाद पार्टी अपनी पहचान बनाए रखेगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी समाज के हित में काम करती रहेगी।

इसके अलावा, उन्होंने आगामी चुनाव को लेकर दावा किया कि निषाद समाज का समर्थन करने वाली बीजेपी को मजबूत करने की इच्छा के साथ उनकी पार्टी आगे बढ़ेगी, जबकि अस्थिरता फैलाने वाली किसी भी रणनीति को विफल किया जाएगा।

होली और जुमे की नमाज पर बयान

होली और जुमे की नमाज एक ही दिन पड़ रहा है, इस पर उन्होंने कहा, "जुमा भी पढ़ने वाले गले मिलते हैं और होली भी मनाने वाले गले मिलते हैं। दोनों का गले मिलने और खुशी बांटने का त्योहार है। कुछ ऐसे राजनेता हैं जो गले नहीं मिलने देना चाहते हैं, उसमें जहर घोलते हैं, ये उनलोगों के लिए संदेश है।" उन्होंने कहा, "कितने रंग का आज विशेष वर्ग इस्तेमाल करता है, रंग बिरंग कपड़े पहनते हैं, कितने रंगों से घर रंगते हैं। रंग से कभी वो वर्ग परहेज करता ही नहीं है, लेकिन ये नेता हैं जो एक दूसरे तरह के रंग का जहर घोलकर काम करना चाहते हैं।"

"त्योहार खुशहाली बांटने का है"

होली के उल्लास पर उन्होंने कहा, "जिस देश की अर्थव्यवस्था सुधरती है, तो खुशहाली अपने आप आ जाती है। वैसे भी भारतीय सभ्यता में त्योहार खुशहाली बांटने का है। त्योहार लोगों की जिंदगी में खुशहाली लाने और एक दूसरे से गले मिलने का है। त्योहार एक ऐसा मौका होता है जब छोटी-मोटी कटुता हो उसको गले मिलकर दूर करते हैं। ये सौभाग्य है कि हम जैसे लोग भारत में पैदा हुए हैं, हम लोग हर त्योहारों में एक दूसरे से गले मिलते हैं और एक दूसरे को खुशिया बांटते हैं।"

(रिपोर्ट- राज श्रीवास्तव)

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