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Lok Sabha Elections 2024: अनिल बलूनी vs गणेश गोदियाल, गढ़वाल सीट पर जीत की हैट्रिक लगाने के लिए बीजेपी तैयार?

 Written By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : Mar 21, 2024 02:51 pm IST,  Updated : Apr 16, 2024 03:14 pm IST

Hot seats in Lok Sabha Elections 2024: बीजेपी ने गढ़वाल सीट से जीत की हैट्रिक लगाने के लिए इस बार अनिल बलूनी को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने अपने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल को प्रत्याशी बनाया है।

गढ़वाल लोकसभा सीट पर अनिल बलूनी और गणेश गोदियाल के बीच मुकाबला- India TV Hindi
गढ़वाल लोकसभा सीट पर अनिल बलूनी और गणेश गोदियाल के बीच मुकाबला

Lok Sabha Elections 2024: देश में चुनावी बिगुल बज चुका है। लोकसभा चुनाव के लिए तारीख तय हो गई है। सात चरणों में लोकसभा के चुनाव होंगे। वहीं, उत्तराखंड की सभी पांच लोकसभा सीटों के लिए पहले फेज में 19 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। पहले चरण के चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। उत्तराखंड के पांच लोकसभा क्षेत्रों में एक गढ़वाल लोकसभा सीट है। आगामी लोकसभा चुनाव में पौड़ी गढ़वाल सीट की लड़ाई पर सबकी नजरें होंगी। बीजेपी ने गढ़वाल सीट से जीत की हैट्रिक लगाने के लिए इस बार अनिल बलूनी को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने अपने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल को प्रत्याशी बनाया है।

पौड़ी गढ़वाल सीट की खास बात यह है कि ठाकुरों के दबदबे के बावजूद यहां से ब्राह्मण चेहरे जीतते रहे हैं। 1991 के बाद से गढ़वाल सीट से 7 बार ब्राह्मण उम्मीदवार जीता है। यह प्रदेश की सबसे बड़ी सीट है। बीजेपी ने यहां पिछले 7 संसदीय चुनावों में से 6 में जीत दर्ज की है। 2019 आम चुनाव में पौड़ी गढ़वाल में बीजेपी को 68 फीसदी से ज्‍यादा वोट मिले थे। 2019 के लोकसभा चुनाव में गढ़वाल सीट पर बीजेपी के तीरथ सिंह रावत को जीत मिली थी, लेकिन इस बार बीजेपी ने उनका टिकट काटकर अनिल बलूनी को मैदान में उतारा है। 

अनिल बलूनी vs गणेश गोदियाल

बलूनी को 2019 में राज्‍यसभा सदस्‍य बनाया गया था। वह बीजेपी नेतृत्व के करीबी माने जाते हैं। अनिल बलूनी छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय हैं। वे भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के प्रदेश महामंत्री का दायित्व संभालने के बाद निशंक सरकार में वन्यजीव बोर्ड में उपाध्यक्ष और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख बने। अनिल बलूनी ने 26 साल की उम्र में राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। उत्तराखंड के पहले विधानसभा चुनाव 2002 में कोटद्वार सीट चुनाव से लड़ने की तैयारी की थी, लेकिन उनका नामांकन निरस्त कर दिया गया था। इस बात से नाराज बलूनी कोर्ट पहुंच गए थे। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 2004 में कोटद्वार से उपचुनाव लड़ा। हालांकि, उन्हें इस चुनाव में शिकस्त मिली। 

वहीं, गणेश गोदियाल जुलाई 2021 में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की कमान संभाल चुके हैं। 2022 का विधानसभा चुनाव में हार के बाद उन्हें कुर्सी से हटा दिया गया था। गोदियाल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के करीबी माने जाते हैं। श्रीनगर क्षेत्र के पूर्व विधायक गणेश गोदियाल वर्ष 2019 में भी गढ़वाल संसदीय सीट से टिकट के दावेदार थे। तब पार्टी हाईकमान ने चुनाव के अवसर पर कांग्रेस में सम्मिलित हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी के पुत्र मनीष खंडूड़ी को टिकट दिया था।

गढ़वाल लोकसभा सीट की जानकारी 

पौड़ी गढ़वाल उत्तराखंड की पांच संसदीय सीटों में से एक है। यह राज्य की सबसे बड़ी लोकसभा सीट है, जिसके दायरे में पांच जिलों के इलाके आते हैं। गढ़वाल लोकसभा सीट की सीमा में पौड़ी गढ़वाल जिला, चमोली जिला, रुद्रप्रयाग जिला के साथ-साथ नैनीताल और टिहरी गढ़वाल के कुछ हिस्से पड़ते हैं। गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र की परिधि में कुल 14 विधानसभा सीटें- बदरीनाथ, थराली, कर्णप्रयाग, केदारनाथ, रुद्रप्रयाग, देवप्रयाग, नरेंद्रनगर, यमकेश्वर, पौड़ी, श्रीनगर, चौबट्टाखाल, लैंसडाउन, कोटद्वार और रामनगर हैं। इनमें से 13 पर बीजेपी का कब्‍जा है। सिर्फ चमोली की बदरीनाथ विधानसभा कांग्रेस के पास है। 

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