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NCP National Conference: क्या NCP के राष्ट्रीय सम्मेलन में पड़े फूट के बीज, कहीं पार्टी के 'शिंदे' न साबित हो जाएं अजीत पवार?

 Reported By: Sachin Chaudhary, Edited By: Pankaj Yadav
 Published : Sep 11, 2022 11:03 pm IST,  Updated : Sep 11, 2022 11:03 pm IST

NCP National Conference: आम चुनावों से पहले विपक्ष को एकजुट करने के प्रयासों के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने दिल्ली में अपने राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। इस दो दिवसीय सम्मेलन में NCP अध्यक्ष शरद पवार के सामने ही बड़ा ड्रामा हुआ।

NCP National Conference- India TV Hindi
NCP National Conference Image Source : PTI

Highlights

  • दिल्ली में आयोजित हुआ NCP का 8वां राष्ट्रीय सम्मेलन
  • NCP के सम्मेलन में तमाम बड़े नेताओं ने अपनी बात रखी
  • राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से NCP के कार्यकर्ता पहुंचे थे

NCP National Conference: NCP का 8वां राष्ट्रीय अधिवेशन राजधानी दिल्ली में आयोजित किया गया। लेकिन यह सत्र अजित पवार की नाराजगी के कारण चर्चा में रहा। NCP के अधिवेशन में तमाम बड़े नेताओं ने अपनी बात रखी। हालांकि अजीत पवार ने कोई भाषण नहीं दिया। अजित पवार के न बोलने पर अब एक अलग ही चर्चा शुरू हो गई है। अजीत पवार और जयंत पाटिल (अजीत पवार बनाम जयंत पाटिल) के बीच एक बार फिर शीत युद्ध देखने को मिला। यह राष्ट्रीय अधिवेशन अजित पवार और जयंत पाटिल के शक्ति प्रदर्शन का केंद्र बना।

ऐसे भड़की चिंगारी

राष्ट्रीय अधिवेशन में देशभर से NCP के कार्यकर्ता पहुंचे थे। सभी नेताओं को बोलने का मौका दिया गया। इससे पहले सांसद सुप्रिया सुले ने भाषण दिया। इसमें अजीत दादा का जिक्र हुआ तो पूरे हॉल में कार्यकर्ताओं ने ताली बजाई। दादा के समर्थन में जोरदार नारेबाजी होने लगी। इसलिए सुप्रिया सुले को कई बार अपना भाषण बंद करना पड़ा। बाद में सांसद अमोल कोल्हे ने भाषण दिया। कार्यकर्ता अजीत पवार के भाषण का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। उस समय प्रफुल्ल पटेल ने जयंत पाटिल से भाषण देने का अनुरोध किया। तभी अजित पवार के समर्थकों ने जमकर हंगामा किया।

'एक और स्टेशन आएगा...' -प्रफुल पटेल

अजित पवार के समर्थक 'अजीत दादा को बोलने दो...' के नारे लगाने लगे। वहीं जयंत पाटिल के कार्यकर्ताओं ने भी नारेबाजी शुरू कर दी। माहौल में तनाव था। इस तनाव को कम करने के लिए प्रफुल्ल पटेल ने फिर माइक्रोफोन लिया और सभी कार्यकर्ताओं से यह कहकर शांत रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि एक स्टेशन जाएगा तो दूसरा स्टेशन आएगा। जयंत पाटील का भाषण शुरू हुआ तो अजित पवार मंच से उठे और बाहर चले गए। प्रवक्ता रविकांत उन्हें बुलाने गए। उन्होंने अजित पवार को फोन किया। अजीत पवार आए और मंच पर बैठ गए। इसके तुरंत बाद जयंत पाटिल का भाषण समाप्त हो गया। फिर प्रफुल्ल पटेल ने अजीत पवार का नाम लिया। अजित पवार उठकर बाहर चले गए। उनके पीछे सुप्रिया सुले भी निकलीं। तभी अजित पवार के समर्थकों ने जमकर हंगामा किया। 'अजीत दादा यहां बैठे थे। आपके कहने पर अजीत दादा से बात करने का अनुरोध किया लेकिन वे चले गए। लेकिन अजीत दादा का भाषण शरद पवार के समापन भाषण से पहले दिया जाएगा, 'उन्होंने कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया।

नहीं हुआ अजीत पवार का भाषण

NCP के हिंदी गीत का लोकार्पण हुआ। फिर भी अजीत पवार नहीं लौटे। अंत में सुप्रिया सुले ने अजीत पवार को मना लिया। अजीत पवार कुछ ही देर में मंच पर वापस आ गए। तब तक शरद पवार का समापन भाषण शुरू हो चुका था। कार्यकर्ताओं की इच्छा अधूरी रह गई। अजीत पवार का भाषण नहीं हुआ। जब अजीत पवार से इस बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, 'कई भाषण दिए गए... सभी दिग्गज बोले... मैं महाराष्ट्र में जो कहना चाहता हूं, वही कहूंगा।' इससे पता चला कि जयंत पाटिल और अजित पवार के बीच विवाद अपने चरम पर पहुंच गया है। अब क्या इस विवाद ने NCP में फुट पैदा कर दी है? क्या NCP नेता अजित पवार भी एकनाथ शिंदे की राह पर चलेंगे ? राजनीति के सबसे अनुभवी शरद पवार अपने भतीजे को मना लेंगे? जवाब आनेवाला समय ही देगा।

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