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वक्फ बिल का विरोध करते हुए गौरव गोगोई का सवाल- "सरकार दूसरे धर्म के मामले में दखल क्यों देना चाहती है?"

 Published : Apr 02, 2025 01:13 pm IST,  Updated : Apr 02, 2025 02:57 pm IST

आज लोकसभा के पटल पर वक्फ संसोधन बिल को लेकर चर्चा की जा रही है, सत्ता पक्ष जहां इस बिल के फायदे बता रहा है वहीं, कांग्रेस इस बिल से होने वाली खामियां गिना रही है।

वक्फ बिल को लेकर आज सदन में चर्चा की जा रही है, बिल को लेकर सत्ता पक्ष जहां बिल के पक्ष में बातें कर रहा है और मुसलमान के हित में बिल को बता रहा है। वहीं, विपक्ष इसे मुसलमानों के लिए विवादित मान रहा है। स्पीकर ने जहां सरकार को 4 घंटे 40 मिनट का समय दिया है, वहीं विपक्ष को बोलने के लिए 3 घंटे 20 मिनट का समय दिया है। किरेन रिजिजू के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कांग्रेस सांसद गौरव रंजन गोगोई का नाम पुकारा। इसके बाद सांसद रंजन ने कहा कि किरेन रिजिजू ने संसद को मिस लीड किया।

सरकार संविधान को कमजोर करना चाहती है- गौरव गोगोई

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि मेरा भी सौभाग्य है कि मैंने अपनी पार्टी की ओर से राम मंदिर के मुद्दे पर बात रखी और आज वक्फ बिल पर पार्टी की ओर अपनी बात रख रहा हूं। गौरव ने कहा कि सरकार संविधान को कमजोर करना चाहती है, लोगों को बांटना चाहती है। आगे कहा कि बीजेपी बताए कि उनके कितने सांसद अल्पसंख्यक हैं? आगे कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय ने कभी चर्चा ही नहीं की कि वे ऐसी कोई बिल लाना चाहती है। साथ ही सवाल किया कि सरकार दूसरे धर्म के मामले में दखल क्यों देना चाहती है?

सरकार अल्पसंख्यकों को डराना चाहती है

आगे उन्होंने कहा कि सरकार अल्पसंख्यकों को डराना चाहती है। वक्फ बिल पर आगे कहा कि ये पहले भी था कि बोर्ड में 2 से अधिक महिला सदस्य शामिल हो सकते हैं। ये पहले से था, लेकिन ये भ्रम फैला रहे कि ये अब ला रहे। ये चाहते हैं कि वक्फ बोर्ड और कमजोर हो, इसलिए इन्होंने बोर्ड की रेवन्यू को 7 प्रतिशत घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया। 

सांसद ने आगे कहा कि आज एक विशेष समाज के जमीनों पर सरकार की नजर है, कल किसी और समाज के जमीनों पर सरकार की नजर होगी। कई ऐसी जमीनें जिनके कागज नहीं लेकिन फैसला बोर्ड के पक्ष में है। इसके बाद उन्होंने कई क्लॉज में सरकार के द्वारा किए जा रहे बदलाव की भी बात की। आगे सांसद ने कहा कि सर मैंने बहुत जेपीसी देखे लेकिन ऐसा जेपीसी नहीं देखा, मुझे कहते हुए बहुत दुख हो रहा कि जेपीसी में विपक्ष के बताए गए एक भी सुझाव को शामिल नहीं किया गया। आगे कहा कि जेपीसी में ऐसे लोग भी थे कि जिन्हें वक्फ की जानकारी ही नहीं थे।

आगे सांसद ने कहा कि इन्होंने हमारे सहयोगी सांसदों को सुझाव दिए तो मैं भी इनके साथियों को कुछ सुझाव देना चाहूंगा। मैं आंध्र प्रदेश के टीडीपी सांसदों को अपनी जनता को जवाब देना होगा। 

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