1. Hindi News
  2. भारत
  3. उत्तर प्रदेश
  4. बीजेपी ने टिकैत की चुनौती खारिज की, कहा परिवार में नहीं होता शक्ति परीक्षण

बीजेपी ने टिकैत की चुनौती खारिज की, कहा परिवार में नहीं होता शक्ति परीक्षण

 Reported By: Bhasha
 Published : Feb 01, 2021 07:04 pm IST,  Updated : Feb 01, 2021 07:04 pm IST

BKU नेता नरेश टिकैत ने रविवार को बीजेपी सरकार को उत्तर प्रदेश या हरियाणा के किसी भी मैदान में शक्ति प्रदर्शन की चुनौती दी थी।

Naresh Tikait, Naresh Tikait Suresh Rana, Suresh Rana, Suresh Rana Tikait, Suresh Rana BKU- India TV Hindi
BKU नेता नरेश टिकैत ने रविवार को बीजेपी सरकार को उत्तर प्रदेश या हरियाणा के किसी भी मैदान में शक्ति प्रदर्शन की चुनौती दी थी। Image Source : PTI

लखनऊ: भारतीय किसान यूनियन के नेता नरेश टिकैत की ओर से शक्ति परीक्षण के लिए दी गई चुनौती को खारिज करते हुए उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व राज्य सरकार में मंत्री सुरेश राणा ने कहा है कि परिवार के साथ शक्ति परीक्षण नहीं किया जाता। राणा ने कहा,‘मैं खुद किसान का बेटा हूं और मैं यही कहूंगा कि परिवार के साथ कभी शक्ति परीक्षण नहीं होता।’ BKU नेता नरेश टिकैत ने रविवार को बीजेपी सरकार को उत्तर प्रदेश या हरियाणा के किसी भी मैदान में शक्ति प्रदर्शन की चुनौती दी थी। टिकैत ने कहा था, ‘पहले BJP अपनी रैली कर ले और फ‍िर अगले दिन हम करेंगे और उन्हें हर जगह फेल कर देंगे।'

‘PM ने वार्ता के दरवाजे हमेशा खुले रखे’

CM योगी आदित्‍यनाथ के नेतृत्‍व वाली बीजेपी सरकार में गन्‍ना विकास एवं चीनी मिलों के मंत्री सुरेश राणा ने सोमवार को अपने कालिदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर किसान आंदोलन को लेकर कई महत्‍वपूर्ण बातें की। सुरेश राणा ने किसान आंदोलन और नए कृषि कानून के मुद्दे पर कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए कानून के जरिए किसानों की आय दोगुनी करने के लिए एक पहल की और उसके बावजूद यदि किसान भाइयों ने सवाल उठाए तो प्रधानमंत्री ने वार्ता के दरवाजे सदैव खुले रखे और दर्जनों दौर की बातचीत हुई,अभी हाल में मोदी जी ने कहा कि मैं एक फोन कॉल की दूरी पर हूं।'

किसानों की नाराजगी पर यह बोले राणा
वार्ता सफल न होने के सवाल पर उन्‍होंने कहा, 'मेरा केवल इतना कहना है कि यदि किसान संगठन कानून में सुधार या संशोधनों पर बात करेंगे तो निश्चित रूप से वार्ता आगे बढ़ेगी।' किसानों के हित में बड़ी-बड़ी परियोजनाओं की घोषणा के बावजूद किसानों की नाराजगी के सवाल पर सुरेश राणा ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 2013 में कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए कानून में संशोधन की बात कही थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब साहस के साथ इसे अमलीजामा पहनाया तो सराहना की बजाय उन लोगों ने किसानों को गुमराह करना शुरू कर दिया। राणा ने कहा कि किसान संगठनों के बीच जब ऐसे लोगों का प्रवेश हुआ तो दिशा बदल गई।

‘लाल किले पर तिरंगे का अपमान निंदनीय’
किसान आंदोलन को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्‍यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव के आरोपों के जवाब में राणा ने कहा जातिगत आधार पर राजनीति करना, समाज में वैमनस्‍य पैदा करना, राजनीतिक रोटियां सेंकना और अपने चश्‍मे से समाजवाद की परिभाषा तय करना ही अखिलेश यादव और सपा की प्राथमिकता है। उन्‍होंने कहा कि लाल किले पर तिरंगे का अपमान निंदनीय है, अशोभनीय है और पूरे देश ने इसकी निंदा की है। राणा ने कहा कि जब कृषिमंत्री, गृहमंत्री और प्रधानमंत्री ने कहा है कि लगातार वार्ता के विकल्‍प खुले रखे हैं, ऐसे में किसानों के हित के मद्देनजर कानून में जो भी बेहतर संशोधन हैं उन्‍हें वार्ता के माध्‍यम से सुलझाया जा सकता है।

‘पीएम और सीएम ने किसानों के हित के लिए काम किया’
राणा ने दावा किया कि पीएम मोदी और सीएम योगी ने लगातार किसान हितों के लिए कार्य किया है और बीजेपी की प्राथमिकता में गांव, गरीब और किसान हैं। गौरतलब है कि करीब 2 माह से नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलित हैं और राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र की सीमाओं पर कई राज्‍यों के किसान आंदोलन कर रहे हैं। गणतंत्र दिवस पर ‘ट्रैक्टर परेड’ के दौरान बड़े पैमाने पर हुई हिंसा के बाद ऐसा लग रहा था कि किसान आंदोलन ठंडा पड़ जाएगा लेकिन BKU नेता राकेश टिकैत की भावनात्मक अपील के बाद गाजीपुर स्थित प्रदर्शन स्थल पर हजारों की संख्या में किसान जुट गए और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आयोजित हो रही महापंचायतों में भी किसानों की काफी भीड़ जुट रही है।

Latest Uttar Pradesh News

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Uttar Pradesh से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत