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जम्मू-कश्मीर विधानसभा में BJP विधायक मांग रहे थे मंदिरों का संरक्षण, सदन में खारिज हुआ बिल, गरमाई सियासत

 Published : Mar 30, 2026 11:02 pm IST,  Updated : Mar 30, 2026 11:13 pm IST

राज्य में मंदिर संरक्षण की मांग को लेकर बीजेपी विधायक के बिल को खारिज किया गया है। इस बिल में मंदिरों की सुरक्षा और अवैध रूप से कब्जा की गई भूमि की वापसी सुनिश्चित करना था।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
सांकेतिक तस्वीर Image Source : PTI

जम्मू-कश्मीर विधानसभा ने मंदिरों के संरक्षण के संबंध में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक द्वारा पेश एक निजी विधेयक को ध्वनिमत से खारिज कर दिया। इस विधेयक में आतंकवाद के दौरान अतिक्रमण किए गए मंदिरों सहित विभिन्न मंदिरों के संरक्षण और जीर्णोद्धार की मांग की गई। उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने कहा कि इसके लिए पहले से ही पर्याप्त प्रावधान मौजूद हैं। 

सभी धर्मों के प्रति समान सम्मान की परंपरा

चौधरी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की ताकत सांप्रदायिक सद्भाव और सभी धर्मों के प्रति समान सम्मान की परंपरा में निहित है। उन्होंने कहा कि उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार सहित पिछली सरकारों ने मंदिरों, मस्जिदों, गुरुद्वारों और चर्च की समान रूप से सुरक्षा सुनिश्चित की है।

 बलवंत सिंह मनकोटिया ने पेश किया बिल

भाजपा विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया ने विधेयक पेश किया, जिसका उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में मंदिरों की सुरक्षा और अवैध रूप से कब्जा की गई भूमि की वापसी सुनिश्चित करना था। विधानसभा में उपस्थित मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वह विधेयक का विरोध करते हैं। 

भाजपा विधायक ने बताया उद्देश्य

भाजपा नेता ने विधेयक का बचाव करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य क्षतिग्रस्त मंदिरों के संरक्षण और पुनर्स्थापना के लिए संस्थागत सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना है, खासकर उन मंदिरों के लिए जो घाटी में आतंकवाद के चरम दौर के दौरान प्रभावित हुए थे। 

धार्मिक स्थल अतिक्रमण और तोड़फोड़ के शिकार

उन्होंने कहा कि उस समय बड़े पैमाने पर हुए पलायन के कारण धार्मिक स्थल अतिक्रमण और तोड़फोड़ के शिकार हुए थे। जब उपमुख्यमंत्री सरकार की ओर से जवाब देने के लिए उठे, तो मनकोटिया ने शुरू में आपत्ति जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को जवाब देना चाहिए क्योंकि उन्होंने विधेयक का विरोध किया है, लेकिन बाद में अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद वह मान गए। 

हमेशा सभी धर्मों के लिए खड़े- उपमुख्यमंत्री 

उपमुख्यमंत्री ने कहा, 'मैं उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार का हिस्सा हूं। मुझे (नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष) फारूक अब्दुल्ला की विरासत का प्रतिनिधित्व करने पर गर्व है, जो हमेशा सभी धर्मों के लिए खड़े रहे हैं और मंदिरों, मस्जिदों, गुरुद्वारों तथा चर्च में जाते रहे हैं। जहां भी वह गए, हर धर्म के लोगों को लगा कि वह उनके अपने हैं।' उन्होंने कहा कि जब भी नेशनल कॉन्फ्रेंस सत्ता में रही है, सभी धार्मिक स्थानों की रक्षा की गई।

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