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जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देने की रट लगा रहे सीएम उमर अब्दुल्ला, जानें अब क्या कहा?

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Oct 17, 2025 11:15 pm IST,  Updated : Oct 17, 2025 11:15 pm IST

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि केंद्र सरकार ने यहां के लोगों से कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का वादा किया था, लेकिन अब तक यह वादा पूरा नहीं हो सका है।

Omar Abdullah- India TV Hindi
उमर अब्दुल्ला Image Source : PTI

जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को एक बार फिर पूर्ण राज्य के दर्जे की मांग दोहराई। उन्होंने जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा जल्द बहाल होने की उम्मीद जताई और कहा कि इससे निर्वाचित सरकार को और अधिकार मिलेंगे। ऐसा होने पर राज्य सरकार पिछले साल विधानसभा चुनावों के दौरान लोगों से किए गए वादों को पूरा कर पाएगी।

दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में पत्रकारों से बात करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि केंद्र संसद और उच्चतम न्यायालय में केंद्र शासित प्रदेश के लोगों से किए गए राज्य का दर्जा बहाल करने के वादे को पूरा करेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है, इसलिए वह इसके लिए दबाव बनाते रहेंगे।

कश्मीर के लोगों से किया वादा पूरा होना चाहिए

अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘हम और अधिकारों की उम्मीद कर रहे हैं और इसीलिए हम राज्य का दर्जा बहाली पर जोर दे रहे हैं, क्योंकि यह जम्मू-कश्मीर के लोगों से किया गया वादा है और यह वादा पूरा होना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘केवल केंद्र और भाजपा ही जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा न दिए जाने के कारण बता सकते हैं। लेकिन, हम प्रयास करना बंद नहीं करेंगे।’’

महबूबा मुफ्ती की शर्तों पर क्या बोले?

पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती की कथित शर्तों के बारे में पूछे जाने पर कि सरकार राज्यसभा चुनावों में सत्तारूढ़ पार्टी का समर्थन करने के बदले में उनकी पार्टी के विधायकों के निजी विधेयकों का समर्थन करे, अब्दुल्ला ने कहा कि यह विधानसभा अध्यक्ष ही तय करते हैं कि कौन सा विधेयक विधानसभा में लाया जा सकता है और कौन सा नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मेरी सरकार ऐसे किसी भी विधेयक के रास्ते में बाधा नहीं बनेगी जिससे लोगों को लाभ हो। लेकिन न तो मैं और न ही विधानसभा का कोई अन्य सदस्य विधानसभा अध्यक्ष को यह निर्देश दे सकता है कि कौन सा विधेयक लाया जाए और कौन सा नहीं। विधेयक लाने की एक प्रक्रिया होती है। जो भी विधेयक अच्छा होगा, हम उसका समर्थन जरूर करेंगे।’’ (इनपुट- पीटीआई)

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