जम्मू कश्मीर के रामबन में तबाही के बीच उम्मीद की तस्वीर सामने आई है। यहां बादल फटने के बाद भूस्खलन के कारण चारो तरफ तबाही मची हुई है। कई लोगों की मौत हो चुकी है। इन हालातों में एक युवक अपने जीवन का नया आयाम शुरू करने जा रहा है। भारी तबाही के बीच मशकूर नाम का युवक पैदल ही शादी करने के लिए निकल चुका है। मशकूर के साथ उसके कुछ करीबी रिश्तेदार भी हैं।
मशकूर और उसके रिश्तेदारों का वीडियो भी सामने आया है। इस वीडियो में वह भूस्खलन से बंद हाइवे के बीच पहाड़ों से होते हुए दुल्हन के घर जा रहे हैं।
मशकूर ने क्या कहा?
मशकूर ने कहा "आज मेरी शादी का दिन है। कल हुई भारी बारिश की वजह से यह स्थिति है। हमें पैदल जाना है। हमने सुबह 6 बजे यात्रा शुरू की। हमने अपनी गाड़ियां पीछे पार्क कर दीं और अब हम बाकी रास्ता पैदल चलेंगे। हमें अभी भी लगभग 7-8 किलोमीटर और चलना है। हम दुल्हन को इसी रास्ते से लाएंगे, क्योंकि सड़कें साफ नहीं हुई हैं। हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि एनएच-44 को जल्द से जल्द साफ किया जाए।"
रामबन में बादल फटने से भारी तबाही
रामबन जिले के कई गांवों में रविवार तड़के अचानक बाढ़ और भूस्खलन से जमकर तबाही हुई। प्राकृतिक आपदा में दो नाबालिग भाइयों और एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई। पंथियाल के निकट दर्जनों मकान और जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट गया, जिससे राहत और बचाव कार्यों में मुश्किलें आईं। सेरी बागना गांव निवासी मोहम्मद हाफिज ने बताया, ‘‘मैंने अपनी जिदंगी में ऐसा मौसम कभी नहीं देखा। तड़के करीब साढ़े चार बजे बादल फटने की तेज आवाज से मेरी नींद खुली और कुछ ही देर में मदद के लिए चीख-पुकार मच गई।’’
सेरी बागना गांव में अचानक आई बाढ़ में तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान अकीब अहमद (12), उसके भाई मोहम्मद साकिब (10) और उनके पड़ोसी मुनिराम (65) के रूप में की गई है। हाफिज ने बताया, "अचानक आई बाढ़ से घर का एक हिस्सा ढह गया। हम दोनों भाइयों को मलबे से बाहर निकालने में सफल तो हुए, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।" (इनपुट- एएनआई/पीटीआई)