झारखंड में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला रामगढ़ जिले से सामने आया है, जहां शुक्रवार सुबह हाथियों के झुंड ने अलग-अलग जगहों पर हमला कर तीन लोगों की जान ले ली, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।
अलग-अलग घटनाओं में तीन की मौत
जानकारी के अनुसार, पहली घटना गोला क्षेत्र के मुरपा गांव में हुई। यहां महुआ चुनने गए 65 वर्षीय शामदेव साव को हाथियों ने कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दूसरी घटना बंदा गांव में हुई, जहां ईंट भट्ठे में सो रहे दो मजदूरों धीरज भुईया और युगल भुईया (उम्र लगभग 20-25 वर्ष) पर हाथियों ने हमला कर दिया। इस हमले में दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इसी दौरान एक अन्य बुजुर्ग व्यक्ति भी हाथियों के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।
वन विभाग ने शुरू की कार्रवाई
घटना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को 25 हजार रुपये की तत्काल सहायता राशि दी गई है, जबकि शेष 3 लाख 75 हजार रुपये की मुआवजा राशि आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद दी जाएगी।
स्थानीय लोगों में दहशत
घटना के चश्मदीद और बंदा गांव के मुखिया कुलदीप साव ने बताया कि यह घटना बेहद दुखद है और इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों के आतंक से सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
पुलिस अधिकारी का बयान
गोला पुलिस थाना प्रभारी अधिकारी अभिषेक कुमार ने बताया, "शुक्रवार को दो अलग-अलग स्थानों पर जंगली हाथियों के हमले में तीन लोग मारे गए। तीनों पुरुष थे। मृतकों के शव बरामद कर लिए गए हैं और उन्हें सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है।" अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि मृतकों की पहचान पटरातु के तालतंद निवासी धीरज कुमार (26), मुरपा गांव के जुगल भुइयां (30) और सामदेव साव (73) के रूप में हुई है। रामगढ़ के डीएफओ नीतीश कुमार ने कहा, "हमने पीड़ितों के परिवारों को तत्काल राहत के रूप में 25,000 रुपये प्रति परिवार प्रदान किए हैं, जबकि शेष मुआवजा कुछ औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद दिया जाएगा।" झारखंड सरकार हाथी के हमले से हुई मृत्यु की स्थिति में चार लाख रुपये का मुआवजा प्रदान करती है।
(रामगढ़ से मुकेश सिन्हा की रिपोर्ट)
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