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व्हाइटहेड्स बनाम ब्लैकहेड्स: दोनों के बीच क्या अंतर होता है, किस तरह करें इसकी पहचान

 Written By: Ritu Raj
 Published : Jun 03, 2026 03:53 pm IST,  Updated : Jun 03, 2026 03:53 pm IST

आज के समय में व्हाइटहेड्स और व्हाइटहेड्स बहुत कॉमन स्किन प्रॉब्लम बन चुका है। लेकिन क्या आपको बता है कि इस दोनों के बीच क्या अंतर होता है और इसे कैसे पहचान सकते हैं।

व्हाइटहेड्स बनाम ब्लैकहेड्स- India TV Hindi
व्हाइटहेड्स बनाम ब्लैकहेड्स Image Source : MAGNIFIC

आपने कभी न कभी तो शीशे के सामने खड़े होकर जरूर सोचा होगा कि आपके चेहरे पर ये काले-सफेद छोटे-छोटे दाने क्या हैं। ये व्हाइटहेड्स और ब्लैकहेड्स हैं, जो रोमछिद्रों के बंद होने के कारण होते हैं और इनके बीच काफी अंतर होता है। लेकिन कई बार लोग इसे पहचान नहीं पाते हैं और गलत ट्रीटमेंट लेने लगते हैं। जिसकी वजह से स्किन से जुड़ी समस्याएं और भी ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसे में सबसे पहले व्हाइटहेड्स और ब्लैकहेड्स के बीच का अंतर समझना बेहद जरूरी है। यहां हम आपको बताने जा रहे हैं कि इन्हें कैसे पहचाना जा सकता है, और इन्हें रोकने के लिए क्या किया जा सकता है। 

व्हाइटहेड्स क्या होते हैं?

व्हाइटहेड्स जिसे मेडिकल भाषा में क्लोज्ड कॉमेडोन कहा जाता है। ये त्वचा पर छोटे, उभरे हुए सफेद या हल्के रंग के दाने होते हैं जिसकी समय रहते इलाज न किया जाए तो ये बढ़ जाते हैं। ये तब बनते हैं जब त्वचा के रोमछिद्र सीबम का उत्पादन ज्यादा करते हैं और डेड स्किन सेल्स के कारण अंदर से बंद हो जाते हैं।

ब्लैकहेड्स क्या होते हैं? 
ब्लैकहेड्स मुहांसों का ही छोटा रूप होते हैं, जो आपकी स्किन पर छोटे-छोटे काले दानों के रूप में नज़र आते हैं। इन्हें मेडिकल भाषा में ओपन कॉमेडोन भी कहा जाता है। ये तब बनते हैं जब हमारी त्वचा के नीचे छोटी-छोटी ग्रंथियां होती हैं जिन्हें सेबेसियस ग्लैंड्स नमी देने के लिए सीबम बनाती हैं। 

व्हाइटहेड्स का इलाज

सैलिसिलिक एसिड: यह व्हाइटहेड्स से छुटकारा दिलाने में बेहद कारगर माना जाता है। यह रोम छिद्रों के अंदर जाकर जमे हुए ऑयल और गंदगी को साफ करता है। ऐसे में व्हाइटहेड्स से बचने के लिए सैलिसिलिक एसिड युक्त फेस वॉश या सीरम का इस्तेमाल करें।

रेटिनोइड्स: रात के समय रेटिनोल या ट्रेटिनोइन क्रीम लगाना इस समस्या से छुटकारा दिला सकता है। इसे लगाने से रोम छिद्र बंद नहीं होते।

नॉन-कॉमेडोजेनिक प्रोडक्ट्स: हमेशा ऐसे मॉइस्चराइज़र और सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें जिन पर नॉन-कॉमेडोजेनिक लिखा हो। इसका मतलब है कि ये प्रोडक्ट्स आपके पोर्स को बंद नहीं करेंगे।

ब्लैकहेड्स का इलाज 

क्ले मास्क: क्ले चेहरे से एक्सट्रा ऑयल को सोख लेता है और रोमछिद्रों को बंद होने से रोकता है। 

रेटिनॉइड्स: रेटिनॉइड्स रोमछिद्रों को साफ रखकर नए ब्लैकहेड्स बनने से रोकने में मदद करते हैं।

दोनों से कैसे बचा जाए? 
अगर आप चाहते हैं कि आपको ब्लैकहेड्स और व्हाइटहेड्स की समस्या न हो तो दिन में दो बार हल्के क्लींजर से चेहरा धोएं और नॉन-कॉमेडोजेनिक स्किनकेयर और मेकअप प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें। हर दिन सनस्क्रीन लगाएं और हफ्ते में एक बार एक्सफोलिएट करने की कोशिश करें। इसके अलावा नियमित स्किनकेयर रूटीन अपनाएं और सोने से पहले मेकअप हटाना न भूलें।

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