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बच्चे पढ़ते नहीं, मोबाइल से चिपके रहते हैं? इन असरदार तरीकों से किताबों से होगी उनकी दोस्ती!

 Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
 Published : Jun 22, 2025 11:30 pm IST,  Updated : Jun 22, 2025 11:30 pm IST

आजकल के दौर में बच्चों को किताबों से जोड़ना और मोबाइल से दूर रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। अगर आपके बच्चे भी पढ़ाई से जी चुराते हैं और मोबाइल में ज़्यादा लगे रहते हैं, तो ये टिप्स आपके लिए मददगार साबित हो सकते हैं।

पेरेंटिंग टिप्स- India TV Hindi
पेरेंटिंग टिप्स Image Source : SOCIAL

आजकल के दौर में बच्चों को किताबों से जोड़ना और मोबाइल से दूर रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। अगर आपके बच्चे भी पढ़ाई से जी चुराते हैं और मोबाइल में ज़्यादा लगे रहते हैं, तो ये टिप्स आपके लिए मददगार साबित हो सकते हैं। इन उपायों को अपनाकर आप अपने बच्चे की रुचि पढ़ाई की ओर बढ़ा सकते हैं और उनके हाथों में मोबाइल की जगह किताब देख सकते हैं।

  • पढ़ने का माहौल बनाएं: बच्चों के लिए एक शांत और आकर्षक कोना तैयार करें जहाँ वे आराम से पढ़ सकें। यह जगह आरामदायक कुर्सी, अच्छी रोशनी और उनकी पसंदीदा किताबों से सजी हो सकती है।किताबें घर में हर जगह आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि बच्चा जब चाहे उन्हें उठा सके। लिविंग रूम में, बेडरूम में और यहाँ तक कि डाइनिंग टेबल पर भी कुछ किताबें रखें।

  • खुद उदाहरण बनें: बच्चे वही सीखते हैं जो वे देखते हैं। अगर आप खुद किताबें पढ़ते हैं, तो बच्चे भी आपको देखकर प्रेरित होंगे। अपने खाली समय में मोबाइल चलाने की बजाय किताब पढ़ें।अपने बच्चे के साथ बैठकर पढ़ें। भले ही वह अपनी किताब पढ़ रहा हो और आप अपनी, यह साथ होने का अहसास उन्हें पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेगा।

  • पढ़ने को मज़ेदार बनाएं: बच्चे को अपनी पसंद की किताबें चुनने दें, चाहे वे कॉमिक्स हों, चित्र कथाएं हों, या कोई भी फिक्शनल कहानी। ज़रूरी नहीं कि वे सिर्फ एजुकेशनल किताबें ही पढ़ें। पढ़ने से जुड़े कुछ खेल खेलें, जैसे कहानी पूरी करना, शब्दों का अनुमान लगाना या कहानी के पात्रों के बारे में बात करना।

  • धैर्य और प्रोत्साहन: बच्चों पर पढ़ने के लिए ज़रूरत से ज़्यादा दबाव न डालें। इससे वे पढ़ाई से और दूर भाग सकते हैं। अगर बच्चा पढ़ना पसंद नहीं करता है, तो बहुत कम समय के लिए शुरू करें (जैसे 5-10 मिनट) और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं।  जब भी बच्चा पढ़ने में रुचि दिखाए या पढ़ने का प्रयास करे, उसकी सराहना करें। सकारात्मक प्रोत्साहन से उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।

 

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