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सावधान! कही आप अपने बच्चे के सिर के पीछे तो नहीं मारते

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : May 02, 2016 07:08 am IST,  Updated : May 02, 2016 08:59 am IST

शोध के अनुसार, बच्चों के सिर के पीछे हल्के थप्पड़ मारने से उनमें मानसिक समस्याओं और संज्ञानात्मक क्षमताओं का जोखिम बढ़ जाता है।

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हेल्थ डेस्क बच्चों को शैतानियों का शंहशाह कहा जाता है। जिसके हर काम में एक मासूमियत छिपी होती है। कहा जाता है कि बच्चे को आप जिस तरह बचपन में ढालोगे वो वैसा ही बनेगा। लेकिन कभी-कभी उसकी शरीरते हमें परेशान कर देती है।

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जिसके कारण हम उनपर हाथ उठा देते है। या फिर उसे सिर्फ अनुशासन सिखाने के लिए सिर के पीछे मार देते है, लेकिन आप जानते है कि आपके सिर के पीछे मारना बच्चे के लिए कितना खतरनाक हो सकता है। इस कारण वह मानसिक क्षमता पर असर पड़ सकता है। जी हां एक शोध के अनुसार बच्चों के सिर के पीछे हल्के थप्पड़ मारने से उनमें मानसिक समस्याओं और संज्ञानात्मक क्षमताओं का जोखिम बढ़ जाता है।

कई सारे माता-पिता अपने अनुशासनहीन बच्चों के सिर के पीछे हल्के थप्पड़ को अपेक्षाकृत सुरक्षित दंड मानते हैं। लेकिन 50 साल के लंबे शोध से पता चला है कि नाराज माता-पिता को बच्चों के सिर के पीछे थप्पड़ लगाने से पहले दो बार सोचना चाहिए, क्योंकि इससे बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। शोध के अनुसार, बच्चों के सिर के पीछे हल्के थप्पड़ मारने से उनमें मानसिक समस्याओं और संज्ञानात्मक क्षमताओं का जोखिम बढ़ जाता है।

निष्कर्षो तक पहुंचने के लिए शोधकर्ताओं ने पांच दशकों के डेटा का विश्लेषण किया। इस दौरान शोधार्थियों ने 1,60000 बच्चों के जीवन का आकलन किया। इस दौरान शोधार्थियों ने इस अनुभव से गुजरने वाले बच्चों और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के विकास की संभावना के बीच एक सकारात्मक संबंध पाया।

ऑस्टिन स्थित युनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास से इस अध्ययन की लेखिका एलिजाबेथ जेरशॉफ के अनुसार, "हमने शोध में देखा कि सिर के पीछे थप्पड़ लगाना हानिकारक निष्कर्षो के साथ संबंधित है। साथ ही माता-पिता अगर सोचते हैं कि ऐसा करने से उनके बच्चे सुधर जाएंगे, तो यह गलत है क्योंकि इस तरह का व्यवहार बच्चों को अधिक समय तक सुधार कर नहीं रख सकता है।" यह शोध 'जर्नल ऑफ फैमिली साइकॉलॉजी' पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।

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