हेल्थ डेस्क: विमान यात्रा से होने वाली थकान के असर को कम करने के लिए ली जाने वाली दवा, कैंसर दवाओं के कष्टदायी दुष्प्रभावों को भी रोक सकती है। ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ इडनबर्ग और यूनिवर्सिटी ऑफ अबरदीन के शोधकर्ताओं ने मेलाटोनिन नामक एक दवा का पता लगाया है जो तंत्रिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाली कीमोथेरेपी से होने वाले दर्द से बचाने में कारगर है। यह दवा कीमोथेरेपी के कारण तंत्रिका स्वास्थ्य पर पड़ने वाले खतरनाक प्रभावों को रोक देती है।
उन्होंने कीमोथेरेपी के कारण नसों में होने वाले दर्द की एक सामान्य दशा पर ध्यान केंद्रित किया, जिसके कारण स्पर्श करने या ठंडे तापमान में सिहरन और दर्द महसूस होता है। यह दर्द इतना तेज हो सकता है कि मरीज बीच में ही कीमोथेरेपी इलाज को बंद भी कर सकता है।
कीमोथेरेपी ले रहे लगभग 70 प्रतिशत मरीज इस दर्द से प्रभावित होते हैं और यह जिंदगी पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है।
शोधकर्ताओं ने अपने शोध में दर्शाया है कि कीमोथेरेपी से पहले मेलाटोनिन देने से नसों पर नुकसानदायक प्रभावों और दर्द के लक्षणों को बढ़ने से रोका जा सकता है।
शोधकर्ताओं ने कहा कि मेलाटोनिन तब दर्द को कम नहीं करती जब ये दर्द पहले से ही शुरू हो गया हो । इसलिए यदि इस दवा का फायदा लेना है तो इसे एहतियातन ही शुरू करना चाहिए ।
यह शोध पिनियल रिसर्च पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।
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