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वर्ल्‍ड एड्स डे 2018: इन चार वजहों से ज्यादातर लोग नहीं करवाते HIV टेस्ट

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Nov 30, 2018 06:30 am IST,  Updated : Nov 30, 2018 06:56 am IST

1 दिसंबर 2018 को वर्ल्ड एड्स दिवस' हर साल की पूरी दुनिया में मनाया जाएगा। इस दिन को मनाने के पीछे एक ही उद्देश्य है पूरी दुनिया को इस बीमारी को लेकर जागरुक करना।

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नई दिल्ली: 1 दिसंबर 2018 को वर्ल्ड एड्स दिवस' हर साल की पूरी दुनिया में मनाया जाएगा। इस दिन को मनाने के पीछे एक ही उद्देश्य है पूरी दुनिया को इस बीमारी को लेकर जागरुक करना। यह बीमारी एक मात्र ऐसी बीमारी है जो एक बार हो जाए तो आपके शरीर के इम्यून सिस्टम को कमजोर कर देती है। और इम्यून सिस्टम कमजोर होने के बाद शरीर किसी भी खतरनाक बीमारी के चपेट में आ जाती है और फिर व्यक्ति की मौत हो जाती है। वर्ल्ड एड्स दिवस के माध्यम से ऐसे लोगों की जिंदगी में कुछ बदलाव लाने की कोशिश की जाती है जो एड्स जैसी बीमारी से जूझ रहे हैं या इस बीमारी से जिन लोगों की मौत हो चुकी है।

इस बार का वर्ल्ड एड्स दिवस का थीम है, इस बीमारी को लेकर आपका स्टेटस क्या है? जी हां आपको जानकर हैरानी होगी कि पूरी दुनिया में 9.8 मिलियन लोग अभी तक इस बीमारी को लेकर जागरुक ही नहीं है। लोगों को पता ही नहीं है कि वह एचआईवी पॉजीटिव का सही अर्थ क्या है?

UNAIDS के रिपोर्ट के मुताबिक एचाईवी एड्स को शुरुआती जांच को लेकर लोगों के बीच में कई गलतफहमी है। इस रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा किया गया कि लोग कई वजहों से इस बीमारी की जांच भी नहीं करवाते। आज वर्ल्ड एड्स दिवस पर हम आपको बताएंगे आखिर क्या कारण है जिसकी वजह से एचआईवी टेस्ट करवाने से कतराते हैं लोग।

सुरक्षित सेक्स

इस वायरस के फैलने के कई कारण है। एक सबसे बड़ा कारण है वो है एचआईवी संक्रमित व्‍यक्ति के साथ असुरक्षित यौन संबंध होता है। तो एक बात जरूर ध्यान रखे कि जब भी सेक्स करें कंडोम का इस्तेमाल जरूर करें।

संक्रमित रक्‍त चढ़ाने से अथवा सं‍क्रमित सुई के इस्‍तेमाल से भी एचआईवी वायरस फैल सकता है।

गर्भवती महिला से उसके होने वाले शिशु को यह संक्रमण हो सकता है। शिशु को यह संक्रमण स्‍तनपान के जरिए भी हो सकता है।

एचआईवी संक्रमित व्यक्ति द्वारा दान किए गए अंग से भी संक्रमण हो सकता है।

एचआईवी टेस्ट को लेकर क्या सोचेंगा समाज
एचआई को वक्त रहते रोका जा सकते हैं लेकिन कई लोग इस बीमारी की शुरुआती जांच ही नहीं करवाते। लोगों के अंदर इस बीमारी को लेकर सबसे खतरा यह रहता है कि अगर एचआईवी पॉजिटीव हुआ तो समाज के लोग क्या कहेंगे। वह कैसे किसी को बता पाएंगे कि उन्हें यह बीमारी है।

इस बीमारी से जुड़ी तथ्य को अनदेखा करते हैं लोग
इंसान की सबसे खराब आदत होती है बीमारी को तक तक अनदेखा करना जब तक वह बड़ा रूप न ले। कई बार ऐसा होता है कि लोग इस बीमारी को लेकर न बात करना पसंद करते हैं और न ही इसकी सच्चाई से अवगत होना चाहते हैं। ऐसे में धीरे-धीरे इस बीमारी ने अपना दायर बढ़ा लिया है।

एचआईवी पॉजिटीव और सेक्स को एक दूसरे से अलग रखें

एचाईवी को लेकर लोगों की अक्सर यह मानसिकता रहती। लोगों को लगता है मल्टीपल पार्टनर एड्स का कारण होता है लेकिन सच्चाई यह बिल्कुल नहीं है। अगर कोई व्यक्ति के कई पार्टनर और वह सुरक्षित सेक्स करता है तो उसे शायद ही एड्स हो। लेकिन आपने किसी ऐसे व्यक्ति के साथ शारीरिक संबंध बनाए है जिसे एड्स है तो एड्स हो सकता है। आपको जानकर हैरानी होगी कई लोगों के साथ शीरिक संबंध नहीं रखने वाले व्यक्ति को भी एड्स हो सकता है।

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