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Garud Puran: जिंदगी में कभी न करें ये 4 काम, आयु हो सकती है कम

गरुड़ पुराण में स्वास्थ्य संबंधी बातों का उल्लेख किया गया है। गरुड़ पुराण के अनुसार जानिए मनुष्यों की आयु किन चार कामों से कम होती है।

India TV Lifestyle Desk India TV Lifestyle Desk
Updated on: September 15, 2021 19:10 IST
गरुड़ पुराण- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV गरुड़ पुराण

जीवन और मृत्यु भगवान के हाथों में हैं। कब, क्यों और कैसे किसकी मृत्यु होगी, ये बात सिर्फ भगवान ही जानते हैं, लेकिन हमारे धर्म ग्रंथों में ऐसे अनेक काम बताए गए हैं, जिन्हें करने से हमारी आयु कम होती है। उनमें से एक गरुड़ पुराण है, जिसमें जीवन से जुड़े कुछ ऐसे रहस्यों के बारे में विस्तार से बताया गया है जिनका पालन करके आप जीवन की हर बाधा को आसानी से पार कर सकते हैं। 

गरुड़ पुराण के आचारकांड की नीतियों में कुछ ऐसी ही गूढ़ बातें बताई हैं। जो किसी भी व्यक्ति के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं। इन्हीं दुविधाओं को दूर करने के लिए गरुड़ पुराण में स्वास्थ्य संबंधी बातों का उल्लेख किया गया है। गरुड़ पुराण के अनुसार जानिए मनुष्यों की आयु किन चार कामों से कम होती है।

रात को दही का सेवन

गरुड़ पुराण के अनुसार रात में दही का सेवन करने से आपकी आयु कम हो सकती हैं। रात के समय दही का सेवन करने से व्यक्ति कई बीमारियों का शिकार हो सकता है। दरअसल, रात के समय व्यक्ति भोजन करके सो जाता है जिसके कारण रात का खाना आसानी से नहीं पचता है। ऐसे में दही भी आसानी से नहीं पचता है। 

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शुष्क मांस का सेवन करना

सूखे हुए मांस का सेवन करने से बचना चाहिए, क्योंकि यह व्यक्ति की आयु कम करने का कारण बन सकता है। दरअसल जब मांस पुराना होता है तो वह सूख जाता है और इस मांस में कई तरह के खतरनाक बैक्टीरिया उत्पन्न हो जाते हैं। जिसका सेवन करके आपके शरीर में दूषित औऱ बीमार करने वाले बैक्टीरिया चले जाते हैं।

सुबह के समय देर तक सोना
गरुड़ पुराण के अनुसार हर काम के लिए एक नियमित समय होता है। कहा जाता है कि व्यक्ति को सूर्योदय से पहले उठ जाना चाहिए। ब्रह्म मुहूर्त की वायु का सेवन करने से शरीर के अनेक रोग स्वत: ही ठीक हो जाते हैं।

शमशान के धुंए का सेवन

शमशान में शवों के दाह संस्कार के वक्त से चारों तरफ धुआं फैला होता है। कहा जाता है कि मृत शरीर में अनेक प्रकार के बैक्टीरिया का संक्रमण हो जाता है। शवों के दाह संस्कार के दौरान कुछ बैक्टीरिया-वायरस नष्ट हो जाते हैं और कुछ वायुमंडल में धुएं के साथ फैल जाते हैं और जब कोई व्यक्ति दूषित धुएं के संपर्क में आता है तो ये बैक्टीरिया-वायरस उसके शरीर से चिपक जाते हैं जिससे कई तरह की बीमारियां होती हैं।

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