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हिंदू धर्म में किसी के मरने और जन्म लेने के बाद क्यों मनाया जाता है सूतक

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Feb 08, 2016 08:15 pm IST,  Updated : Feb 08, 2016 08:15 pm IST

मारे समाज में इससे जुड़े कई परंपराए है जैसे कि कोई शुभ काम न करना यानी कि अगर आपको कोई व्यापार करना है तो उसे इस समय में नहीं कर सकते है। इसे आप अंधविश्वास भी कह सकते है। लेकिन आप जानते है कि इसके पीछें वैज्ञानिक कारण भी है। आखिर क्यों यह सूतक मनाते

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मृत्यु के बाद
हम अपने समाज में देखते है कि आज के समय में भी जिस तरह जन्म के समय सूतक मनाया जाता है। उसी तरह किसी व्यक्ति के मरने में भी सूतक मनाया जाता है। इसमें भी उस परिवार का कोई भी सदस्य किसी भी धार्मिक कामों के साथ-साथ किसी मंदिर में जाना वर्जित हो जाता है। इस बारें में हिंदू धर्म के एक ग्रंथ गरुड़ पुराण में कहा गया है कि जब भी परिवार के किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है तो परिवार पर सूतक लग जाता है। परिवार के सदस्यों को पुजारी को बुलाकर गरुण पुराण का पाठ करवाकर पातक के नियमों को समझना चाहिए।

किसी व्यक्ति के मरने के 13वें दिन क्रिया कराई जाती है। जिसके बाद अपने क्षमतानुसार ब्राह्मणों को बुलाकर उनको भोजन कराने के साथ-साथ उन्हे दक्षिणा दी जाती है। इसके बाद घर को अच्छी तरह से शुद्ध किया जाता है। और उस मृत व्यक्ति से जुड़ी चीजें जैसे कि कपड़े और उसका समान किसी जरुरतमंद को दे दिया जाता है।

आपने देखा होगा कि किसी व्यक्ति का अंतिन संस्कार करने के बाद वही तट पर सभी लोग स्नान भी करते है। माना जाता है कि इससे मृत व्यक्ति की आत्मा आपके साथ नहीं जाएगी। उसका आपसे लगाव हट जाएगा, लेकिन इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी है।

इसके अनुसार माना जाता है कि जब किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है तो वह किस तरह मरा यह सबसे बड़ी बात होती है। जिसके कारण उससे आपको संक्रमण हो सकता है। इस संक्रमण से बचने के लिए हम स्नान करते है। जिससे कि हामरे साथ वहां पर मौजूद कोई भी किटाणु आप के साथ आपके घर न जाएं। जिससे कि आपके बीच कोई संक्रमण फैले।

13वें दिन आपने देखा होगा कि घर में पूजा-पाठ और हवन का आयोजन किया जाता है। इसे पीछे मान्यता है कि इससे मृत व्यक्ति की आत्मा को शांति मिलती है। वही इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी है। इसके अनुसार घर में पूजा-पाठ और हवन से हामरे घर का वातावरण ठीक हो जाता है साथ ही शुद्ध हो जाता है। जिससे हमारे घर में मौजूद सभी बैक्टेरिया भी मर जाते है। इसके साथ ही सूतक की समाप्ति हो जाती है।

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